Ek_Musafir

Ek_Musafir

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10/05/2026

जब कवि मरता है
कविता जीती है।
🫀

20/03/2026

मैं समझता हूँ तिरे दिल की धड़कन
क्योंकि मेरे सीने में भी एक दिल है 🫀

19/03/2026

ज़मीनी व्यवस्था की उंगली पे
दिन-रात नाच रहा हूँ मैं
पर बेशर्मी तो देखो मेरी
आसमानी ज्ञान बांच रहा हूँ मैं

04/03/2026

तुम्हारा अपराध ये है
कि तुम पैदा हुए हो
अब भुगतो।
बेचैनी झेलो!

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