R P Rajak
09/02/2026
मुझे लगता है, हर किसी की ज़िंदगी में कम से कम एक बार
वो लम्हा ज़रूर आता है—
जब कोई सकुचाते हुए कह देता है,
“मुझे आपसे लगाव-सा हो गया है…”
और उसी पल दुनिया जैसे स्लो-मोशन में चलने लगती है।
मन इस हक़ीक़त को मानने से इनकार कर देता है
कि वो कहकर आगे बढ़ गया है,
और आप… वहीं ठिठक कर खड़े रह जाते हैं।
असल में,
प्रपोज़ डे तो वही दिन होता है।