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इस प्रेत युगल को अभी बहुत कुछ देखना है। इन्होंने अपने समय में ऐसे, ऐसे जघन्य कांड किए, और करने वालों को प्रश्रय दिया है, जिसका काल उसका पूरा मूल्य इनसे लेगा। कुछेक घटनाओं पर नज़र डालते हैं।
- बेजुबान जानवरों का चारा खाना।
- अपहरण उद्योग स्थापित कर बिहारियों का जीवन नर्क बनाना।
- रागिनी यादव के मित्र अभिषेक मिश्र की हत्या कर उसे दुर्घटना का रूप देना।
- राबड़ी के भाई साधु यादव द्वारा शिल्पी जैन का ब्रूटल रेप, उसकी और उसके मित्र की हत्या करना, राबड़ी का अपने भाई को बचाना।
- मीसा भारती के विवाह में पटना के शो रूम्स में लूट मचाना।
- चंदा बाबू के बेटों की निर्मम हत्या करने वाले शहाबुद्दीन का सरपरस्त बनना।
- चंपा विश्वास, उनकी भतीजियों, उनकी नौकरानियों का महीनों बलात्कार करने वाले के पक्ष में खड़े होना।
- रेलवे में नौकरी देने के बदले लोगों की जमीन हड़पना।
- राबड़ी द्वारा ऐश्वर्या यादव की पिटाई कर रात में घर से बाहर फेंकना।
ये कुछ ऐसे अमानवीय कृत्य हैं, जो हमने पढ़े हैं हमको याद हैं,आप लोग चाहे तो इसमें योगदान कर सकते हैं।
इन दोनों को हरेक रामद्रोही धर्मद्रोही देश द्रोही को सड़ सड़ कर, तिल तिल मरना चाहिए, यदि ऐसे लोग आसानी से मुक्ति पा जाते हैं तो हम ईश्वरीय न्याय को अधूरा ही समझते हैं...
आर्यन जी की पोस्ट से प्रेरित पोस्ट।
#कुछ_दिन_पहले_की_सच्ची_घटना
पड़ ही लेना कही ये हमारे परिवार के साथ ना हो जॉए बाकी आपकी मर्जी
िल_दहला_देने_वाली_हकीकत
एक घर के मोबाइल नम्बर पर “रॉंग नम्बर” से कॉल आई.. घर की एक औरत ने कॉल रिसीव की तो सामने से किसी अनजान शख्स की आवाज़ सुनकर उसने कहा ‘सॉरी रॉंग नम्बर’ और कॉल डिस्कनेक्ट कर दी.. उधर कॉल करने वाले ने जब आवाज़ सुनी तो वो समझ गया कि ये नम्बर किसी लड़की का है, अब तो कॉल करने वाला लगातार रिडाइल करता रहता है पर वो औरत कॉल रिसीव न करती। फिर मैसेज का सिलसिला शुरू हो गया जानू बात करो न!! मोबाइल क्यूँ रिसीव नहीं करती..?
एक बार बात कर लो यार! उस औरत की सास बहुत मक्कार और झगड़ालू थी.. इस वाक़ये के अगले दिन जब मोबाइल की रिंग टोन बजी तो सास ने रिसीव कर लिया.. सामने से उस लड़के की आवाज़ सुनकर वो शॉक्ड रह गई, लड़का बार बार कहता रहा कि जानू! मुझसे बात क्यूँ नहीं कर रही, मेरी बात तो सुनो प्लीज़, तुम्हारी आवाज़ ने मुझे पागल कर दिया है, वगैरह वगैरह… सास ने ख़ामोशी से सुनकर मोबाइल बंद कर दिया जब रात को उसका बेटा घर आया तो उसे अकेले में बुलाकर बहू पर बदचलनी और अंजान लड़के से फोन पर बात करने का इलज़ाम लगाया..
पति ने तुरन्त बीवी को बुलाकर बुरी तरह मारना शुरू कर दिया, जब वो उसे बुरी तरह पीट चुका तो माँ ने मोबाइल उसके हाथ में दिया और कहा कि इसी में नम्बर है तुम्हारी बीवी के यार का.. पति ने कॉल डिटेल्स चेक की फिर एक एक करके सारे अनरीड मैसेज पढ़े तो वो गुस्से में बौखला गया.. उसने तुरन्त बीवी को रस्सी से बाँधा और फिर से बेतहाशा पीटने लगा और उधर माँ ने लड़की के भाई को फोन किया और कहा कि हमने तुम्हारी बहन को अपने यार से मोबाइल पर बात करते और मैसेज करते हुवे पकड़ लिया है.. जिसने तुम्हारी इज़्ज़त की धज्जियां बिखेर दीं…
खबर सुनकर तुरन्त उस लड़की का भाई और उसकी माँ भी वहां पहुँच गये.. पति और सास ने इल्जाम लगाये और ताने मारे तो लड़की के भाई ने भी उसे बालों से पकड़कर खूब पीटा.. लड़की कसमें खाती रही, झूठे इलज़ाम के लिये चीखती चिल्लाती रही, अपनी सफाई देती रही जाहिल और शैतान सास और पति के आगे बेबस रही… लड़की की माँ ने अपनी बेटी से कहा कि भारतीय होकर गीता पर हाथ रखकर कसम खाओ, तो उसने नहाकर फ़ौरन सबके सामने गीता पर हाथ रखकर कसम भी खाई, मगर शैतान सास ने इसे भी नकार दिया और कहा कि जो अपने पति से गद्दारी कर सकती है तो उसके लिये गीता की कसम भी कोई मुश्किल काम नहीं है..
इसके साथ पति ने वो सारे मैसेजेस उसके भाई को दिखाये जो लड़के ने लड़की को करने के लिये किये थे.. सास ने मक्कार और चालाक कहकर आग पर घी डाल दिया.. लड़की के भाई को गुस्सा आई और उसका पारा सातवें आसमान पर जा पहुंचा, उसने तुरन्त पिस्तौल निकाली और लड़की के सर में चार गोलियां दाग दी और इस तरह एक “रॉंग नंबर” ने एक खानदान उजाड़ दिया.. 3 बच्चों को अनाथ कर दिया.. जब लड़की के दूसरे भाई को खबर हुई तो उसने अपने भाई भाभी और बहन के शौहर और सास के साथ उस अनजान नम्बर पर FIR दर्ज कर दी..
पुलिस साइबर ने जब मोबाइल की जांच की तो मालूम हुवा कि लड़की ने सिर्फ एक बार उस रॉंग नम्बर को रिसीव किया था, इसके बाद उस नम्बर से वो कॉल और मैसेजेस के जरिये लड़की को फंसाने के चक्कर में लगा रहा.. सारी बातें साफ़ होने के बाद जब दूसरे भाई को खबर हुई जिसने बहन को गोली मारी थी तो उसने उसी वक़्त जेल में ख़ुदकुशी कर ली और रॉंग नम्बर मिलाने वाले लड़के को पुलिस ने पकड़कर हवालात में डाल दिया और इस तरह एक “रॉंग नम्बर” ने सिर्फ तीन दिनों में एक भारतीय दामन औरत को उसके 3 बच्चों से पूरी ज़िन्दगी के लिये दूर कर दिया और अगले 13 दिनों के अन्दर 3 बच्चे अनाथ और 2 खानदान तबाह और बर्बाद हो गये
ज़रा सोचिये और बताइये कि कसूरवार कौन..??
1- रॉंग कॉल वाला..
2- मक्कार सास..
3- शक्की और जाहिल पति..
4- गैरतमंद भाई..
5- मोबाइल ..
आप सब लोग गौर से सोच कर जवाब जरूर दीजियेगा और वो पति और भाई लोग से सर्वनीय निवेदन है की किसी भी औरत पर इल्जाम लगाने से पहले सच्चाई जान ले तब फैसला करे क्योंकि पत्निया और बेटिया ऐसे नही होती। और वो लोग जो रांग नंबर जान कर भी किसी महिला के पास फोन बार बार करते है, उन्हें खुद समझना चाहिए की हमारे घर मे भी एक माँ बहन बेटी है। सब का सम्मान करे।
मेरा नाम सुशीला है. मेरी एक 14 साल कीं लड़की है जया.मैंने अकेले ही उसे पाल कर बड़ा किया है. जया औऱ मेरी एक छोटी सी दुनियाँ है. लेकिन हमारी ज़िन्दगी में ऐसी कई बाते है जो मैंने जया से छिपायी है. जया अपना स्कूल जाती है. औऱ में अपना छोटा सा पार्लर चलाती हूं. ज़िन्दगी हम दोनों कीं आराम से कट रही है.
हमें एक दूसरे के अलावा कभी किसी कीं जरुरत नहीं पड़ी. लेकिन उस दिन के बाद शायद हमारी ज़िन्दगी में फिर कोई आने वाला था. में पार्लर का समान लाने के लिये शहर गई थी जया को साथ नहीं लें गई थी वो घर पर ही थी. ज़िन्दगी में ऐसा होता है कभी कभी अचानक ही हमें कुछ सरप्राइज दे देती है.मेरे सामने अजय था. एक दम अचानक ही आकर वो मेरा सामने आ गया. उसके लिये भी शायद ऐसा ही था.
हम दोनों एक दूसरे को देखकर एकदम चूप हो गये. इतने सालो के बाद मिलें थे लेकिन बात करने को कुछ नहीं था. अजय वो था जिससे में शादी करना चाहती थी. हम दोनों एक दूसरे से प्यार करते थे लेकिन हमारी किस्मत कीं वजह से हम दोनों साथ नहीं रह पाये. अजय इसी शहर में आ गया था. अजय नें कहां कीं उसने बहुत मुझे ढूंढा लेकिन में अपना नंबर बार बार बदल देती थी. इस कारण उसकी मुझसे बात या मिलना नहीं हो पाया था.
अजय आज भी मुझसे प्यार करता है. उसकी आँखों में मुझे दिखाई दे रहा था. वो बोला कीं वो आज भी मुझसे शादी करना चाहता है. मेरी बच्ची को भी अपना लेना चाहता है.लेकिन मैंने उसे कुछ भी जवाब नहीं दिया. में जानें लगी तो वो उसने मुझसे बहुत बोला कीं में अपना नंबर उसे दे दू. औऱ में इस बात के लिये उसे मना नहीं कर पायी.मेरे जीवन में इस तरह वापस आयेगा इस बात का मुझे पता नहीं था.
बस फिर हम लोगों का मिलना शुरू हो गया. इस तरह से मिलते औऱ बाते करते वो मेरे घर भी आने लगा. मैंने सोचा था कीं उसे घर नहीं लाउ. क्यों कीं घर में जया है. में नहीं चाहती थी कीं जया उसे देखें. उसने कई बार मुझसे कहां कीं वो हमारी ज़िन्दगी का हिस्सा बनना चाहता है. लेकिन जया के लिये हर बार में उसे मना करती रही.
फिर एक दिन वो हुआ जिसका मुझे डर था. अजय औऱ में हमारे घर पर थे में भूल गई थी कीं जया उस दिन हाफ टाइम में ही घर आने वाली है. अजय औऱ में अपनी पुरानी बातो में खोये थे में उसके कंधे पर सर रखी हुई थी. उसने मेरा हाथ पकड़ा हुआ था. हमें इस तरह से कमरे में जया नें देख लिया.
वो मम्मी कहती अंदर आयी थी औऱ एक दम से चूप हो गई. उसका चेहरा ही बदल गया. अजय वहाँ से चला गया. मुझे पता था कीं अब जया क्या सोच रही है. हमेशा खुश औऱ मस्ती करने वाली मेरी बेटी आज चूप थी. मेरी हिम्मत भी नहीं हो रही थी कीं उसको जाकर समझाऊ. उसे वो सब बताऊ जो आजतक मैंने उसे नहीं बताया है.
मैंने शाम तक का इंतजार किया. जया बहुत ही अच्छी बच्ची है. उसने खुद आकर मुझसे बात कीं उसने पूछा यह कौन थे. अगर आप मुझसे कुछ बात करना चाहती है तो कर सकती है. जया नें फिर मुझसे पूछा आपने जो आजतक कहां वो मैंने माना है. मुझे लगा कीं आप हमेशा मुझे सच बताती है औऱ मुझसे कुछ छिपाती नहीं है.
में चाहती हूं कीं आप मुझे इस बारे में भी बताये आप अपना फैसला लें सकती है. आप दूसरी शादी करना चाहती है तो कर सकती है. हमारी यह बात चल ही रही थी कीं अजय फिर अचानक ही वहाँ आ गया. उसे देखकर इस बार मैंने कहां कीं तुम फिर क्यों आ गये. अजय नें कहां कीं में नहीं चाहता कीं मेरी गलती कीं वजह से तुम्हारी बच्ची तुम्हे गलत समझें.
इसलिये आज मुझे मत रोको आज एक दम सही समय है कीं जया सबकुछ जान लें. मैंने मना किया कहां कीं नहीं. लेकिन जया के कानो तक सच यह शब्द जा चूका था. मुझे पता था कीं अब वो सच सुनें बिना नहीं रह सकेगी. जया नें कहां बताओ आप क्या बोलना चाहते है. औऱ फिर अजय नें जया को सच बता ही दिया. जया मेरी बेटी नहीं है मेरे भाई कीं बेटी है.
एक दुर्घटना में मेरे भाई औऱ भाभी चल बसें तब जया सिर्फ 9 महीने कीं थी.हमारे माँ बाप पहले ही चल बसें थे औऱ वो दोनों भी. मेरी सारी जमीन बेच कर उसे वहाँ से लेकर में यहाँ दूसरे शहर आ गई. अजय नें कहां यह तुम्हारी बुआ है औऱ हम दोनों कीं शादी होने वाली थी सिर्फ तुम्हारे लिये, कीं तुम्हारा प्यार बाटने कोई और नहीं आ जाये.
इसने मुझसे शादी नहीं कीं मैंने बहुत समझाया लेकिन इसे तुम्हारे अलावा औऱ कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा था. बहुत सालो बाद मिलें तो हम एक दूसरे से बात करें बिना नहीं रह पाये. में इसे आज भी कह रहा हूं लेकिन अभी भी यह मना करती है.
जया सुनकर मेरी तरफ देखती है औऱ पूछती है यह क्या बोल रहें है. कहो कीं यह झूठ बोल रहें है. मेरी आँखों से आँसू निकलने लगे. मैंने कहां कीं बेटी भले ही तू मेरी जान है लेकिन तुने मेरी कोख से जन्म नहीं लिया. मै चाहती थी कीं तुझे यह बात बता दू. लेकिन इस तरह से आज बताना पड़ेगा मैंने सोचा नहीं था.
जया यह सुनकर मेरी तरफ दौड़ कर आयी. मुझसे लिपट गई. रोते हुऐ बोलने लगी.क्या बोलू बुआ, माँ या भगवान. मैंने कहां तू मेरी बेटी है औऱ में तेरी माँ बस यही सच है औऱ यही रहेगा. औऱ अब शादी कीं होंगी तो तेरी वो भी बड़ी धूमधाम से, जब तू चाहेगी।
मेरे फैसले को अजय ने भी माना। आखिर में अकेली नहीं थी जो बिना शादी उम्र निकाल रही थी उसने भी ऐसा ही किया था। जया ने फिर कई बार कहां की आप लोग शादी कर लों। लेकिन मैंने कहां अब तुने हमें मान लिया और जान लिया बस हमारी तपस्या सफल और कुछ हमें नहीं चाहिए।
मैने एक दिन उससे पूछा कि
क्या हम दोस्त नहीं रह सकते..?
तो उसने कहा कि -
मैं तुझे कभी अपना दोस्त नहीं मान पाऊँगा
तेरी आँखो में वो राते कभी अनदेखी नहीं कर पाऊँगा
जिस चेहरे को लेकर मैंने इतने सपने देखें हैं..
उस चेहरे को किसी और का होता नहीं देख पाऊँगा
ये फैसला तेरा है तुझे मुबारक
मैं तुझसे दूर रहकर भी इश्क निभाऊँगा...
अच्छा सुन... तु कहती है दोस्ती करले तो चल मान लिया
पर एक बात बता, तु जो मैं हो चुकी हैं
उसको मुझसे मिलवायेगी... क्या?
तेरी गर्दन पर निशान वो जो अब भी बाकी है.. उसको दिखाएगी... क्या??
कभी मुझसे टकरा जाए तो , मेरे और करीब आने के बहाने नहीं ढूँढेगी.. क्या?
विरह की खुमारी में चाँद को देखते वक़्त, मुझे याद नहीं करेगी.. क्या??
तु ही बता...
तु खुद दोस्ती को दोस्ती तक रख पाएगी क्या ?