Manish Kumar
21/05/2025
हमास ने जो 2023 में इजराल के मासूम लोगो के साथ किया उनकी बहन बेटियों को अपने साथ ले गए तब गाजा में जश्न मनाया गया..
इसे जीत बताया गया... पूरी दुनिया ने उस दिन इनकी सच्चाई अपनी आंखों से देखी...
2 साल में जश्न मनाने वालों ने सब कुछ खो दिया अपना..
इस्लामिक मुल्कों के फिल्मी डायलॉग सुनकर उन्हें लगता था वो आएंगे रोटी देंगे...
ईरान ने डायलॉग बाजी की लेकिन बदला तो दूर एक रोटी भी नही भेजी... पाकिस्तान ने डायलॉगबाजी की.. उसके पास तो खुद खाने नही...
सबसे ज्यादा उछला तुर्की.. लेकिन वो भी फिल्मी डायलॉग साबित हुआ...
आज 57 इस्लामिक मुल्क में से एक भी सहायता नही भेज रहा है...
भारत ने अनाज भेजा बिस्किट भेजे रोटी भेजी..
लेकिन पहलगाम घटना हुई तो गाजा के लोगों ने जश्न मनाया... इजराल ने साथ दिया...
21/03/2025
सबसे बड़ा सवाल है कि आख़िर मुस्कान जैसी स्त्रियों को क्या चाहिए?
मुस्कान ने जिस साहिल के साथ मिलकर सौरभ को मारा उस साहिल और सौरभ में ज़मीन आसमान का अंतर है,
साहिल शराबी है, उसका कमरा बोतलों से भरा पड़ा है
सौरभ सभ्य व्यक्ति था, कोई भी नशा नहीं करता था
साहिल दिखने में ही चरसी लगता है
सौरभ दिखने में स्मार्ट लगता था
साहिल ठेठ बेरोज़गार और ढोंगी है
सौरभ वेल एजुकेटेड और विदेश में सेटल था
साहिल एक टूटे फूटे घर में रहता था
सौरभ एक रईस घराने से आता था
एक व्यक्ति जिसमें प्रत्येक क्वॉलिटी थी उस व्यक्ति को इस महिला ने एक शराबी और बेढंग के व्यक्ति के लिए मार दिया।
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