Devender Hans
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद अजय माकन जी द्वारा राज्यसभा में रखे गए आंकड़े भाजपा के असली चाल, चरित्र और चेहरे को उजागर करते हैं।
वर्ष 2004 में कांग्रेस के बैंक खाते में ₹38 करोड़ और भाजपा के खाते में ₹88 करोड़ जमा थे। वर्ष 2009 में कांग्रेस के पास ₹221 करोड़ और भाजपा के पास ₹150 करोड़ थे। वर्ष 2014 में कांग्रेस के खाते में ₹390 करोड़ और भाजपा के खाते में ₹295 करोड़ थे।
लेकिन सत्ता में आने के बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
वर्ष 2019 में कांग्रेस के खाते में ₹315 करोड़ थे, जबकि भाजपा का बैंक बैलेंस बढ़कर ₹3,562 करोड़ हो गया। वर्ष 2024 में कांग्रेस के खाते में केवल ₹133 करोड़ रह गए, जबकि भाजपा का खजाना बढ़कर ₹10,107 करोड़ तक पहुंच गया।
यानी वर्ष 2004 में भाजपा के खाते में ₹88 करोड़ थे, जो वर्ष 2024 में बढ़कर ₹10,107 करोड़ हो गए। बीस वर्षों में भाजपा का खजाना सौ गुना से भी अधिक बढ़ गया।
दूसरी तरफ किसान कर्ज में डूबता गया, युवा रोजगार के लिए भटकता रहा, छोटे व्यापार बंद होते गए और आम आदमी महंगाई के बोझ तले दबता चला गया।
एक तरफ भाजपा सरकार के मंत्रियों के इथेनॉल कारोबार से जुड़कर अमीर होने पर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा के छोटे नेता ठेकेदारी के सहारे अपनी संपत्तियां बढ़ा रहे हैं। सत्ता से जुड़े लोगों की तिजोरियां भर रही हैं, लेकिन टूटी सड़कों का नुकसान हो, महंगे पेट्रोल की मार हो या बेरोजगारी की कीमत, हर हर्जाना आम जनता को ही भरना पड़ रहा है।
सवाल बिल्कुल सीधा है:
जब जनता की आय नहीं बढ़ी, किसानों की आमदनी दोगुनी नहीं हुई और युवाओं को रोजगार नहीं मिला, तो भाजपा का बैंक बैलेंस इतनी तेजी से कैसे बढ़ गया?
चुनावी बॉन्ड से लेकर बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने तक भाजपा ने राजनीति को जनसेवा नहीं, बल्कि धन-संग्रह का माध्यम बना दिया है। जनता के खाते खाली होते गए और भाजपा का खजाना भरता गया।
यह विकास नहीं, बल्कि सत्ता, ठेकेदारी और पूंजी के गठबंधन की खुली कहानी है।
भाजपा देश को बताए कि उसके पास आया यह हजारों करोड़ रुपया किसने दिया, क्यों दिया और इसके बदले में उसे क्या मिला?
लोकतंत्र में राजनीतिक दल जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं, किसी गुप्त कॉरपोरेट तिजोरी के प्रति नहीं।
17/07/2026
चीका-पिहोवा मार्ग की बदहाल स्थिति प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। गुरुद्वारा छठी-नौवीं पातशाही के सामने सड़क पर बने करीब दो-दो फुट गहरे गड्ढे लंबे समय से वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटनाओं का कारण बने हुए हैं, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग सोया रहा।
जब प्रशासन और ठेकेदार ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, तब भारतीय किसान यूनियन चढूनी के साथियों ने आगे आकर छह ट्रॉलियां मिट्टी और रोड़ा मंगवाया तथा लोगों को तत्काल राहत देने का प्रयास किया। जनहित में उठाए गए इस कदम के लिए किसान यूनियन के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता सराहना के पात्र हैं।
अब ठेकेदार द्वारा किसान संगठन पर “श्रेय लेने” का आरोप लगाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि सड़क की मरम्मत पहले से शुरू थी, तो इतने गहरे गड्ढे महीनों तक क्यों बने रहे? शिकायतों के बाद भी काम क्यों नहीं हुआ? और किसान यूनियन के मौके पर पहुंचते ही प्रशासन तथा ठेकेदार अचानक सक्रिय कैसे हो गए? जनता को सुरक्षित सड़क चाहिए, बहाने और श्रेय की लड़ाई नहीं।
संबंधित विभाग बताए कि सड़क निर्माण और मरम्मत के नाम पर अब तक कितनी राशि खर्च हुई, कार्य की गुणवत्ता की जांच कब हुई और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों तथा ठेकेदार के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी। केवल मिट्टी डालकर औपचारिकता पूरी करना स्थायी समाधान नहीं है। सड़क की निर्धारित मानकों के अनुसार तत्काल पक्की मरम्मत करवाई जाए और पूरे कार्य की निष्पक्ष जांच हो।
किसान यूनियन ने जनता की आवाज उठाई है। हम इस संघर्ष में किसान साथियों और क्षेत्रवासियों के साथ मजबूती से खड़े हैं। प्रशासन जनता के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करे और तुरंत सुरक्षित तथा गुणवत्तापूर्ण सड़क उपलब्ध करवाए।
13/07/2026
गांव लंडाहेड़ी के होनहार बेटे राहुल ने नेपाल में आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता में शानदार ऑलराउंडर प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक जीतकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर राहुल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। मुझे पूर्ण विश्वास है कि वह भविष्य में भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करता रहेगा। उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएँ।
Click here to claim your Sponsored Listing.