Hamara Manch
किसी ने सोचा नहीं था कि इस गीत पर इतना बड़ा हंगामा हो जायेगा 🔥⚡ Dr Nayab Balyavi | Hamara Manch Kavi Sammelan
26/10/2025
ज़रा मोहतात होना चाहिए था
बग़ैर अश्कों के रोना चाहिए था
अब उन को याद कर के रो रहे हैं
बिछड़ते वक़्त रोना चाहिए था
मिरी वादा-ख़िलाफ़ी पर वो चुप है
उसे नाराज़ होना चाहिए था
चला आता यक़ीनन ख़्वाब में वो
हमें कल रात सोना चाहिए था
सुई धागा मोहब्बत ने दिया था
तो कुछ सीना पिरोना चाहिए था
हमारा हाल तुम भी पूछते हो
तुम्हें मालूम होना चाहिए था
वफ़ा मजबूर तुम को कर रही थी
तो फिर मजबूर होना चाहिए था
फ़हमी बदायूनी
जिस कवि का नाम ही है नरकंकाल हँसा हँसा कर देगा बेहाल 🤣 Narkankal | Hamara Manch Hasya Kavi Sammelan
पहली चार पंक्तियों पर ही हंगामा हो गया 🔥⚡ Das Aaruhi Anand | Hamara Manch Kavi Sammelan
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