Joginder Aggarwal

Joginder Aggarwal

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17/10/2024

अक्टूबर-नवम्बर में बहुत आसानी से आप अपने घर पर धनिया उगा सकते हैं। अगर आपके किचेन में साबुत धनिया हैं तो उसको ले लीजिए या मार्केट से धनिया के बीज खरीद लीजिए। फिर इस धनिया को एक दिन के लिए धूप में सूखा दीजिए। उसके बाद इन बीजों को हल्के हाथों से दो भागों में तोड़ दीजिए। इसके बाद इन बीजों को एक ग्लास पानी में डालकर, रातभर के लिए छोड़ दीजिए ताकि धनिया अच्छे से फुल जाए। धनिया को बोने के लिए 60% मिट्टी और 40% गोबर की खाद या वर्मीकम्पोस्ट लीजिए और दोनों को अच्छे से मिक्स करके प्लास्टिक टब, टोकरी या ग्रो बैग में भर लीजिए। इसके बाद भीगे हुए धनिया के बीजों को मिट्टी के ऊपर चारों तरफ अच्छे से बिखेर दीजिए। फिर मिट्टी की पतली सी लेयर से इन बीजों को अच्छे से कवर कर दीजिए। इसके बाद पानी डालकर टोकरी को ऐसे जगह पर रख दीजिये जहां सुबह की 4-5 घंटे की हल्की धूप आती हो। लगभग 7 से 10 दिन बाद बीज अंकुरित होने लगेंगे। धनिया के पौधे की मिट्टी में हल्की नमी बनाकर रखिए लेकिन मिट्टी को ज्यादा गीला ना करिये, नही तो धनिया का पौधा गल भी सकता हैं। लगभग 35 से 40 दिन बाद धनिया खाने योग्य हो जाएगा। आपको जितने धनिये की आवश्यकता हो बस उतना ही काटकर उपयोग कीजिए। धनिया को जड़सहित ना काटे बल्कि 2-3 इंच ऊपर से काटे क्योंकि कुछ समय बाद इनमें फिर से ग्रोथ होगी और इस तरह आप 2 से 3 बार धनिये का इस्तेमाल कर पाएंगे। पोस्ट पसंद आया हो तो Like करके इस पेज को Follow जरूर करिये, धन्यवाद🙏

17/10/2024

ऐसे लोगो से मोल भाव न करे यह केवल दो वक़्त की रोटी मिल जाये इसलिये बेचते हैं ! 🙏🙏🙏
#संकल्प

17/10/2024
16/10/2024

यह तस्वीर जीवन की बहुत बड़ी सच्चाई को बयां करती है। जब जीवन के रास्ते पर चलते चलते हम कभी ऐसे मोड़ पर आ जाते हैं जहां हमारा एक गलत क़दम हमारी प्रतिष्ठा , हमारा वजूद , हमारे जीवन को बर्बाद कर सकता है , और उस समय हमारी सहायता करने , हमें मुसीबत से निकालने के लिए कोई नही आता।

इस तस्वीर को देखो , कितने दिन वो आवाज रोई , कितने आंसू बहाए , कितने दिन रातें बिन पानी , बिन रोटी गुजरी , दिल किस बात का इंतजार था.. अगर हम एक पल के लिए भी उस जगह खुद को कल्पना कर लें , तो हम उस एहसास को समझ सकते हैं।

तुम्हारे लिए कोई नहीं आएगा , कोई रिश्ता तुम्हारी तरफ नहीं देखेगा , तुम जो कदम उठाओगे उसके बारे में सौ बार सोचना और जो निर्णय लिया उसके बारे में हजार बार सोचना , कभी भी जल्दी निर्णय लेकर मूर्ख मत बनना , यह सोच कर जीना कि मेरा कोई नहीं है कोई आये तो खुश और कोई न आये तो भी दुखी नही।

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