Gaurav Kumar Rai
04/08/2025
इंग्लैंड में शुभमन गिल की कप्तानी में भारत की शानदार वापसी संघर्ष का सफर
युवा कप्तान शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। ओवल टेस्ट में 6 रन की रोमांचक जीत के साथ भारत ने सीरीज को 2-2 से बराबर कर लिया। गिल ने न केवल 737 रनों के साथ 47 साल पुराना सुनील गावस्कर का रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि अपनी रणनीतिक कुशलता से टीम को मुश्किलों से उबारा। चार शतकों और एक दोहरे शतक (269, एजबेस्टन) के साथ गिल ने दिखाया कि वह 'प्रिंस' से 'किंग' बनने की राह पर हैं।
संघर्ष और आलोचनाओं का सामना
सीरीज की शुरुआत में गिल की कप्तानी पर सवाल उठे। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों की अनुपस्थिति में 25 साल के गिल पर दबाव था। पहले टेस्ट में हार और लगातार पांच टॉस हारने के बावजूद, गिल ने हिम्मत नहीं हारी। मैनचेस्टर में चौथे टेस्ट को ड्रॉ कराने में उनकी 103 रनों की पारी और रवींद्र जडेजा व वाशिंगटन सुंदर के शतकों ने भारत को हार से बचाया।
टीम का जुझारूपन
यशस्वी जायसवाल (118), जडेजा (53), और सुंदर (53) ने दूसरी पारी में शानदार बल्लेबाजी की। मोहम्मद सिराज (5/104) और प्रसिद्ध कृष्णा (4 विकेट) की गेंदबाजी ने अंतिम दिन इंग्लैंड को ध्वस्त किया। गिल ने कहा, "हमने दबाव में भी मौके बनाए। एक अच्छी गेंद ने हमें जीत दिलाई। यह टीम का जुनून और एकजुटता है।" यह जीत विदेशी धरती पर भारत की पहली पांचवें टेस्ट जीत थी, जो गिल की अगुवाई में युवा टीम की नई शुरुआत का प्रतीक है।
भावुक संदेश
सोशल मीडिया पर गिल ने लिखा, "यह जीत हर उस खिलाड़ी के लिए है जिसने आलोचनाओं को नजरअंदाज कर अपने जुनून से लड़ाई लड़ी। यह नई भारत की कहानी है।" गिल की कप्तानी और बल्लेबाजी ने न केवल रिकॉर्ड बनाए, बल्कि करोड़ों भारतीयों के दिलों में उम्मीद जगाई।
Click here to claim your Sponsored Listing.