Power Pack-20

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19/02/2026

*तुलसी धरती पर अमृत जैसा पौधा है। तुलसी के सभी हिस्से बहुत हेल्दी होते हैं। तुलसी के पत्ते, जड़, फूल, टहनियां, मंजीरी और तना दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.....*

तुलसी अपने औषधीय गुणों के कारण औषधीय पौधों में शामिल है। तुलसी के सेवन से शरीर में पॉजिटिव एनर्जी का प्रवाह होता है और व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनने में मदद मिलती है। तुलसी के पत्ते, जड़, फूल, टहनियां, मंजीरी और तना दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। आइए जानते हैं तुलसी के पत्तों के फायदों के बारे में...

*बुखार...*
बुखार के बाद तुलसी के पत्तों का रस पीने से बुखार कम हो जाता है। साथ ही, तुलसी के पत्तों का काढ़ा भी बुखार कम करने में फायदेमंद होता है। बुखार के बाद छोटे बच्चों की तुलसी के तेल से मालिश करने से बुखार कम करने में मदद मिलती है। तुलसी के पत्ते कच्चे खाने से भी बुखार कम करने में मदद मिलती है।

*दांतों की सेहत...*
तुलसी का इस्तेमाल दांत दर्द, कमजोर मसूड़ों, दांतों से खून आने, दांतों की सड़न के लिए दवा के तौर पर किया जाता है। हर दिन 4 से 5 तुलसी के पत्ते माउथवॉश में रखने से बहुत फायदा होता है। आयुर्वेद भी कहता है कि तुलसी दांतों की सेहत बनाए रखने के लिए फायदेमंद है।

*मुंह की बदबू...*
तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल माउथवॉश की तरह भी किया जा सकता है। आप तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल मुंह की बदबू, बेस्वादपन और मुंह सूखने के उपाय के तौर पर कर सकते हैं। तुलसी के पत्तों में मौजूद न्यूट्रिएंट्स मुंह में छिपे बैक्टीरिया को खत्म करने में असरदार होते हैं। इसलिए तुलसी के पत्तों का सेवन करने के बाद आपकी सांस फ्रेश महसूस होती है।

*स्किन केयर...*
तुलसी में काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। इसी तरह, इसमें विटामिन A और B भी भरपूर मात्रा में होते हैं। इसलिए, तुलसी के पत्ते स्किन इन्फेक्शन और स्किन पर होने वाली खुजली को दूर करने के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। साथ ही, नहाने के पानी में तुलसी के पत्ते डालकर नहाने से स्किन में निखार आता है। तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल चेहरे के काले धब्बे हटाने के लिए भी किया जाता है।

*डायबिटीज कंट्रोल करें...*
तुलसी में मौजूद यूजेनॉल तत्व डायबिटीज कंट्रोल करने में फायदेमंद होता है। रोज सुबह तुलसी के पत्ते खाने या तुलसी के पत्तों का जूस पीने से डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

*इम्यूनिटी बढ़ाता है...*
तुलसी को शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में भी असरदार माना जाता है। तुलसी में कई फायदेमंद तत्व पाए जाते हैं। जिससे, यह शरीर की इम्यूनिटी और प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करता है। तुलसी शरीर से थकान दूर करने में भी फायदेमंद है।

*मेटाबॉलिज्म...*
तुलसी के पत्ते हमारे पेट के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। यह मेटाबॉलिज्म सिस्टम को ठीक करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, तुलसी के पत्ते गैस एसिडिटी जैसी पाचन संबंधी बीमारियों से भी राहत दिलाते हैं।

*बॉडी डिटॉक्सिफिकेशन...*
तुलसी के पत्तों में शरीर को डिटॉक्सिफाई करने की क्षमता होती है। इसके फायदेमंद गुण शरीर से टॉक्सिन निकालने में मदद करते हैं।

*खांसी-जुकाम...*
सर्दियों में सर्दी-जुकाम की समस्या होना आम बात है। ऐसे में बीमारियों से दूर रहने के लिए तुलसी के पत्ते चबाना निश्चित रूप से फायदेमंद होगा। आप इसका काढ़ा बना सकते हैं या चाय में तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं। 🌿🌿🌿🌿🌿
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*(कॉपी पेस्ट)*

*💪 प्रवीण नेचुरोपैथी आयुर्वेदिक रिसर्च ट्रेनिंग एंड ट्रीटमेंट सेंटर.... बोरीवली के डायबिटीज और नशा मुक्ति के काम के बारे में लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए आज ही हमसे जुड़ें🙂*

*जुड़ने के लिए, डॉ. प्रवीण द्रुपद शाह
9552714462
इस नंबर पर व्हाट्स अप मैसेज भेजें मुझसे जुड़ें*

या लिंक को टच करें और जुड़ें
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17/02/2026

*सर्वाइकल पेन*

आज की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में गर्दन का दर्द एक बहुत आम समस्या बन गई है। गलत तरीके से बैठने या घंटों मोबाइल/लैपटॉप इस्तेमाल करने से यह समस्या बढ़ जाती है।

इसे मेडिकल भाषा में 'सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस' भी कहा जाता है।

*1. मुख्य लक्षण*
गर्दन में अकड़न: गर्दन हिलाने में दिक्कत या भारीपन महसूस होना।

* दर्द फैलना: गर्दन का दर्द कंधों और उंगलियों तक पहुंचना।

* झुनझुनी: हाथों या उंगलियों में झुनझुनी या सुन्नपन।

* चक्कर आना: चलते-फिरते कभी-कभी सिरदर्द या चक्कर आना।

*2. मुख्य कारण*

* गलत पोस्चर: घंटों तक गर्दन झुकाकर मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करना।

* गद्दा या तकिया: बहुत ऊंचा या बहुत सख्त तकिया इस्तेमाल करना।

* हड्डियों का खराब होना: बढ़ती उम्र के साथ रीढ़ की हड्डी की डिस्क का खराब होना।

* एक्सरसाइज की कमी: गर्दन की मांसपेशियों का कम हिलना।

*3. घरेलू नुस्खे और आराम (आराम के लिए टिप्स या आयुर्वेदिक दवा)*

| उपाय - क्या करें? |
|---|---|

| शेक-| गर्दन को गर्म पानी की बोतल से हिलाएं। इससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है। |

| एक्सरसाइज - गर्दन की हल्की एक्सरसाइज (नेक रोटेशन) करें। लेकिन अगर आपको बहुत ज़्यादा दर्द है तो एक्सरसाइज न करें। |

| काम से ब्रेक - हर 30-40 मिनट में उठें और स्क्रीन देखे बिना थोड़ा घूमें और अपनी गर्दन सीधी रखें। |

| सही तकिया - सोते समय आपकी गर्दन को सहारा देने वाला मीडियम ऊंचाई का और मुलायम तकिया इस्तेमाल करें। |
आयुर्वेदिक दवा
1 - पेन अराम टैबलेट

2- पेन अराम ऑयल

3- जॉइंट लेप

4- पी -डिया 20

*⚠️ डॉक्टर से कब सलाह लें?*
* अगर आपको हाथों में कमज़ोरी महसूस हो।
* अगर दर्द की वजह से रोज़ के काम करना मुश्किल हो जाए।
* अगर चलते समय आपका बैलेंस बिगड़ रहा हो या लगातार चक्कर आ रहे हों।

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*(कॉपी पेस्ट)*

*💪🏥 प्रवीण नेचुरोपैथी आयुर्वेदिक रिसर्च ट्रेनिंग एंड ट्रीटमेंट सेंटर....बोरीवली
डायबिटीज और नशा मुक्ति के काम पर लेटेस्ट अपडेट पाने के लिए आज ही हमसे जुड़ें🙂*

*जुड़ने के लिए, डॉ. प्रवीण द्रुपद शाह को व्हाट्स अप मैसेज भेजें
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31/01/2026

*🌿 🔔 ज़रूरी सूचना - आपकी सेहत से जुड़ी 🔔🌿*

प्रिय सदस्यों,

*हमारी संस्था द्वारा तैयार किया गया P-dia-20 पाउडर और लिक्विड फ़ॉर्मूला सिर्फ़ एक दवा नहीं है, बल्कि यह एक हेल्दी लाइफस्टाइल का हिस्सा है। इस फ़ॉर्मूले में शरीर में डायबिटीज़ की जड़ को खत्म करने की क्षमता है। इसलिए, ये बातें याद रखना बहुत ज़रूरी है:*

*✅ 1. फ़ॉर्मूला रेगुलर और सही तरीके से लें*

➡️ यह फ़ॉर्मूला आपको शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए नहीं, बल्कि इसे हमेशा के लिए रोकने के लिए दिया गया है।

➡️ इसलिए, इसे हर दिन एक तय मात्रा में और समय पर लेना ज़रूरी है।

➡️ अगर गैप हुआ, तो शरीर अपनी पुरानी हालत में वापस आ जाएगा और फ़ॉर्मूले का असर कम हो जाएगा।

*❗️ अगली डोज़ खत्म होने से पहले ऑर्डर कर लें।*

*⚠️ 2. एलोपैथी गोलियों के बारे में नोटिस*

➡️ कई लोगों ने अनुभव किया है कि P-dia-20 पाउडर और लिक्विड लेने के बाद शुगर धीरे-धीरे कम हो जाती है।

➡️ इस समय खुद से गोलियां लेना बंद न करें, बल्कि डॉक्टर की सलाह से उनकी डोज़ कम करना बहुत ज़रूरी है।

➡️ क्योंकि अगर आप कोई अच्छा फ़ॉर्मूला ले रहे हैं और फिर भी पुरानी गोलियां लेते रहते हैं, तो कुछ समय बाद साइड इफ़ेक्ट शुरू हो जाते हैं — किडनी, आंख, लिवर, नपुंसकता जैसे खतरे बढ़ सकते हैं।

*🩹 3. घाव होने पर इस्तेमाल करें*

➡️ डायबिटीज़ के मरीज़ों को घाव लगने के बाद ठीक होने में समय लगता है।

➡️ ऐसे में, P-dia-20 पाउडर एक्सट्रैक्ट को घाव पर बाहर से लगाने से वह तेज़ी से ठीक होता है — कई लोगों ने यह अनुभव किया है।

*🌱 4. जो लोग फ़ॉर्मूला नहीं ले सकते, उन्हें क्या करना चाहिए?*

➡️ कुछ लोग रेगुलर फ़ॉर्मूला नहीं ले सकते — लेकिन उन्हें कोशिश करना नहीं छोड़ना चाहिए।
➡️ आयुर्वेद में बताए गए अर्क, घरेलू नुस्खे, सही डाइट और वॉकिंग को आधार मानें।
➡️ अपना लक्ष्य ध्यान में रखें – गोलियों से छुटकारा पाना और शरीर को नैचुरली ठीक करना।

*❗️ साइड इफ़ेक्ट के रिस्क के बारे में पता रखें ❗️*

🧠 एलोपैथी की गोलियां शरीर में कुछ समय के लिए असर दिखाती हैं, लेकिन वे आपकी डायबिटीज़ की जड़ पर काम नहीं करतीं।

🧬 लंबे समय तक गोलियां लेने से धीरे-धीरे किडनी फेलियर, लिवर डैमेज, न्यूरोपैथी, अंधापन, हार्ट ब्लॉकेज जैसी गंभीर बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है।

*📞 मदद के लिए संपर्क करें:
डॉ. प्रवीण द्रुपद शाह
9552714462
https://chat.whatsapp.com/CL7dUIxu8Gw5q84OWTrExe?mode=gi_t
हमें अपनी सेहत की ज़िम्मेदारी खुद लेनी चाहिए — इसे डॉक्टरों या दवाओं के भरोसे न छोड़ें।

*🌿 "स्वास्थ्य ही धन का असली खज़ाना है।" 🌿*

*🙏 आपकी सेवा करना हमारा धर्म है।*

धन्यवाद।
डायबिटीज़ मुक्त भारत

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