Jyotish MahaGuru Rajesh Vashist
उसी को प्राप्त हो जाओगे।
छटा_प्रमुख_कारण
प्रदर्शन - साधना शुरू हुआ नही की सबको बताना शुरू। मैं फलां साधना कर रहा। अरे कल स्वपन में मैंने शिवजी को देखा, उन्होंने यह कहा। अरे मैं तो 4 घंटा जप करता हूंँ। मैं चंडी़ पाठ करता हूँ। मैं सुंदरकांड का रोज पाठ करता हूँ। यह मैं का प्रदर्शन सारी जप तप को सोख लेता है। कभी सफलता मिलती नही। बस जप संख्या के भ्रम में रह जाओगे।
सातवाँ_प्रमुख_कारण
दुसरे भक्तों, साधकों की उपेक्षा , उन्हें तुच्छ समझना।
यह अहंकार और ईर्ष्या दोनों कभी साधना सफल नही होंने देती।
इन सबके सिवाय किसी के द्वारा तंत्र_बंधन भी एक कारण होती है जो की तभी संभव होती है जब आप प्रदर्शन करते चलें। कोई जानकार जलन से बंधन कर दे। आजकल 95% लोगों का यही भ्रम रहता है कि साधना सफल नही हो रही, पक्का किसी ने तंत्र द्वारा बांध दिया है। अपने गलतियाँ भी देख लो प्रभु।
इन सभी बातों का निवारण कोई दुसरा नही बल्कि आपको स्वयं अपने आत्मचिंतन से करना होगा।
विशेष - इन सभी बातों का प्रति व्यक्ति के साथ भिन्न संबंध हो सकता है। सब सही होने पर भी फल ना मिलना असफलता नही बल्कि हमारे पापों के क्षय काल का भी प्रतीक है। सात्विक साधना, पुरश्चरण, अनुष्ठान से पहले पाप नाश होता है , तपोबल बढ़ता है फिर साधक चैतन्यता को प्राप्त होने लगता है। पर इस यात्रा के बीच में ही उपरोक्त कारणों से साधक लक्ष्य तक नही पहुँच पाता।गुरु कृपा केवलं।
13/01/2026
राज पिछले जन्म का पिछले जन्म भी सूअर इस जन्म भी शक्ल और आदत से भी सूअर जैसी Enjoy the videos and music you love, upload original content, and share it all with friends, family, and the world on YouTube.
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