Online Love Problem Solution
26/04/2015
16/04/2015
How vashikaran can solve problem?
This saying will not wrong that vashikaran is problem solving key of the entire love problem. If you want your dominance on someone's mind then remember the name of the person whom you really want to control and then every Sunday put a long in fire. This process should follow for continuous 7 times but one thing that this process should not be done during period of menstruation otherwise you will lose.
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16/04/2015
What is vashikaran?
As name of this method depicts everything that to entrust yourself to someone is a really a trustful service. Vashi and karan, by combing these two words make this service more strong and popular. Vashi word means fascinate someone that can be against your will or with your permission. The second word is karan that means the processes that help to complete process of Vashi.
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16/04/2015
AGhori Ji, the famous Vashikaran Specialist brings services like:
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Get your lover back by Vashikaran.
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16/04/2015
सचाई और विस्वास का एक मात्र स्थान – माँ नें चॉहा तों किसी को दुख: के आँशु
नहीं रोने दूँगा हर कठिन से कठिन समस्या का तुरन्त समाधान .काम पैसौ से नही होता सचाई और विस्वास से होता हैं ,जीवन की मुश्किल से मुश्किल समस्या का १०१% समाधान पायें . माँ काली की शक्ति और मेरी भक्ति से हर समस्या का समाधान जरूर होगा मेरी एक छोटी सलाह आपके अमूल्य जीवन को सफल बना सकती हैँ ।
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माताए बहनों की हर समस्याओ को गुप्त रखा जायेगा .ज्योतिषी मौलवी तांत्रिको सें भटके लोंग एक बार जरूर सम्पर्क करे ।
16/04/2015
जानिए पंचक के दौरान कौन से 5 काम नहीं करने चाहिए :-
हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य से पहले शुभ-अशुभ मुहूर्त के बारे में विचार किया जाता है। ज्योतिष के अनुसार कुछ नक्षत्र स्वयंसिद्ध होते हैं यानी इन नक्षत्रों में शुभ कार्य करना बहुत ही अच्छा रहता है, वहीं कुछ नक्षत्रों में कोई कार्य विशेष वर्जित माने गए हैं। धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद एवं रेवती भी ऐसे ही नक्षत्रों का एक समूह है। इन 5 नक्षत्रों के समूह को पंचक कहा जाता है।
इस बार पंचक का प्रारंभ 14 अप्रैल, मंगलवार को दिन के 12.33 से हूआ, जो 18 अप्रैल, शनिवार को शाम 05.20 तक रहेगा। भारतीय ज्योतिष में पंचक को अशुभ समय माना गया है। इसलिए इस दौरान कुछ कार्य विशेष करने की मनाही है।
1. पंचक के दौरान जिस समय घनिष्ठा नक्षत्र हो उस समय घास, लकड़ी आदि ईंधन एकत्रित नही करना चाहिए, इससे अग्नि का भय रहता है।
2. पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा नही करनी चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा, यम की दिशा मानी गई है। इन नक्षत्रों में दक्षिण दिशा की यात्रा करना हानिकारक माना गया है।
3. पंचक के दौरान जब रेवती नक्षत्र चल रहा हो, उस समय घर की छत नहीं बनाना चाहिए, ऐसा विद्वानों का मत है। इससे धन हानि और घर में क्लेश होता है।
4. पंचक में चारपाई बनवाना भी अशुभ माना जाता है। विद्वानों के अनुसार ऐसा करने से कोई बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।
5. पंचक में शव का अंतिम संस्कार करने से पहले किसी योग्य पंडित की सलाह अवश्य लेनी चाहिए। यदि ऐसा न हो पाए तो शव के साथ पांच पुतले आटे या कुश (एक प्रकार की घास) से बनाकर अर्थी पर रखना चाहिए और इन पांचों का भी शव की तरह पूर्ण विधि-विधान से अंतिम संस्कार करना चाहिए, तो पंचक दोष समाप्त हो जाता है। ऐसा गरुड़ पुराण में लिखा है।
ऐसा होता है नक्षत्रों का प्रभाव
1. धनिष्ठा नक्षत्र में अग्नि का भय रहता है।
2. शतभिषा नक्षत्र में कलह होने के योग बनते हैं।
3. पूर्वाभाद्रपद रोग कारक नक्षत्र होता है।
4. उतरा भाद्रपद में धन के रूप में दण्ड होता है।
5. रेवती नक्षत्र में धन हानि की संभावना होती है।
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