Mlm Team Fire Rajesh J Kaushik
30/03/2026
विचार कीजिये
28/03/2026
कटु एवं विचारणीय सत्य
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नमस्ते टीम,
आपको सूचित किया जाता है कि अपने ग्राहकों को बेहतर सहायता प्रदान करने के लिए अपनी कॉल सेंटर सेवाओं को एक क्लाउड-आधारित प्लेटफ़ॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया है।
इस बदलाव के तहत, हमारा कॉल सेंटर संपर्क नंबर आज से बदल गया है।
नया कॉल सेंटर नंबर: 97372-12345
किसी भी प्रश्न या स्पष्टीकरण के लिए, कृपया बेझिझक हमसे संपर्क करें।
“एक सफल MD डॉक्टर ने Direct Selling क्यों चुना? | सच्चाई जो हर युवा को जाननी चाहिए”
एक सफल MD Doctor…
Stable career… Respect… Income…💰
फिर भी उन्होंने Direct Selling क्यों चुना? 🤔
जानिए: 👉
✔ Why traditional careers are not enough in 2030
✔ How skills + network build long-term income
✔ Why educated professionals are entering Direct Selling
✔ What makes New-Age Network Business different
यह सिर्फ Earning की बात नहीं है —
यह Growth, Leadership और Future Security की बात है।
If you are serious about your future?
Then Welcome in RCM Mission
For details : :9416559387
097293 83666
11/02/2026
# छूछक #
बहू रानी ! अपनी मम्मी जी को फ़ोन पर बता देना कि हमारे परिवार में पहला बच्चा होने पर सारी ननदों के लिए साड़ी के साथ साथ हीरक नहीं तो ,सोने की अंगूठी तो अवश्य ही आती हैं वैसे तो तुम्हारे बड़े ताऊजी की बड़ी बहू के घर से तो सबके कंगन आए थे । " मंझली ताई जी ने कहा ।
अब ननद एक होती तो मम्मी जी से कह भी देती लेकिन ताऊ - चाचा की मिलाकर पाँच ननदें ;
मेरे परिवार में अकेले पापा कमाने वाले , अनेक खर्च ---
किसी तरह शादी की , भाई इंजीनियरिंग कर रहा है , मुझे पता होता कि बच्चा होने पर भी मायके वालों को ही नोंचा जाएगा ,तो बच्चा ही ना पैदा करती । " मैं मन ही मन बिलख पड़ी ।
मैंने अपनी हीरे की अंगूठी सासू माँ को देकर कहा ," मम्मी जी ! जो गहनें आपके पास हैं मेरे ; सबके बदले में अपने परिवार की लड़की , औरतों के लिए जो आप देना चाहती हो ले आइए पर प्लीज़ मेरे मम्मी- पापा से छूछक के नाम पर गहने माँगने के लिए मत कहना । "
" खबरदार , बहू रानी जो हमारे प्यार की सौगात , अंगूठी देने की बात कही ,या गहने बेचने की ।
मैं बैठी हूँ ना । तुम्हें चिंता करने की जरूरत नहीं । खूब आराम करो । जच्चा-बच्चा हँसते हुए दिखाई देने चाहिए हमें बस ।"
कुआं पूजन के दिन भाई छूछक का सामान लेकर आया । पड़ोसी और रिश्तेदारों से पूरा घर भरा था ।
भाई नवजात शिशु को देखकर निहाल हो रहा था , लेकिन मुझे यहीं चिंता सता रही थी कि अब पूरा खानदान इकट्ठा होगा और यही पूछेगा कि छूछक में क्या आया ?
सासू माँ मुझे स्टोर रूम में ले गई और मुझे पीले रंग की बनारसी साड़ी पहनने के लिए देते हुए कहा , मम्मी जी लेकर आई है खूब खिलेगी तुम पर । यें साड़ियाँ ननदों के लिए है , फिर उन्होंने दिखाने के लिए सामान रखना शुरू किया तो मेरी आँख ही चौंधिया गई , सारे खानदान के कपड़े , चाँदी के बर्तन , खिलौने , सारी ही बेटियों के लिए अंगूठियाँ और मेरे लिए हीरे जड़ित प्यारी सी चैन ।
सासू माँ चहकती हुई सबकों दिखा रही थी ।
उत्सव के बाद मैंने भाई से कहा ," यह सब कैसे ? "
" बहन ! मैं तो एक सूटकेस लाया हूँ बस , जो भी सामान है बस उसी में है। वह आंटी जी को दिया है । ना उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या लाया है और ना मैं बताया । "
तभी सासू माँ ने दुलारते हुए कहा ," बिटिया ! कुटुंब से लिया है ; तो देना ही पड़ता है । मैंने वह सामान भी इसके बीच में सजा दिया है। उन्होंने बहुत ही बढ़िया दिया है लेकिन यह कुटुंब इतना बड़ा है कि कोई कितना देगा । मैं अपने हिसाब से खरीद लाई हूँ ।
और लाड़ो ! जितना यह मेरा घर, परिवार है , उससे अधिक अब तुम्हारा है ।
तुम्हें जहाँ भी ,जो भी लेना- देना करना हो तो इस मम्मी जी को इशारा भर कर देना ।
तुम्हारे भाई और तुम्हारी बुआ के लड़के के लिए भी गर्म सूट खरीद कर लाई हूँ ।
आखिर लाड़ो !
तुम्हारा सम्मान भी तो हमारा ही सम्मान है ।
और कुछ करना है तो बता दीजिए ।"
" हाँ मम्मी जी ! थोड़ा सा बदलाव चाहिए , स्वर्ण जड़ित चैन मुन्ने की दादी माँ के गले में अच्छी लगेगी ।
मेरे लिए तो ऐसे खानदान की बहू बनना ही सबसे बड़ी खुशी है । कहते हुए प्यार और ख़ुशी में आँखें छलछला आई । और मम्मी जी ने गले लगा लिया ।
❤️😘🙏
04/02/2026
अदालत में दस्तावेज पर आख़िरी दस्तखत होते ही वकील ने मुस्कुराकर कहा....???
लीजिए मैडम, अब आपका तलाक हो गया...
कोर्ट ने आपको 30 लाख रुपये मुआवज़े में दिलवा भी दिए,
और हर महीने 20,000 रुपये खर्च के तौर पर भी मिलते रहेंगे।
अब तो खुश हैं ना....???
वह हल्की-सी मुस्कान बनाकर बोली...
“हाँ, खुश हूँ…..अब मुझे किसी से कुछ नहीं चाहिए..???
वकील संतुष्ट होकर बाकी कागज़ समेटने लगे।
और वह लड़की… कविता, अपने माता–पिता के साथ बाहर निकल गई।
पीछे अदालत के कोने में खड़ा निर्वाण, उसका पति, सब देख रहा था।
कविता एक नज़र भी उसकी तरफ़ नहीं उठाती।
गाड़ी का दरवाज़ा बंद हो गया… और रिश्ता भी।
पहला महीना...
मायके में सब प्यार से पेश आते रहे।
कविता को लगा, “यही तो आज़ादी थी… यही तो सुकून था।
दूसरा महीना—घर वालो का सुर बदलने लगा।
कभी भाई तेज़ लहज़े में बोल देता,
कभी भाभी चुभे हुए शब्द सुना जाती—
“इतनी बड़ी हो गई हो, थोड़ी जिम्मेदारी ले लिया करो…???
भतीजे भी कभी-कभी कह देते—
“बुआ, आप कब तक रहोगी यहाँ..???
तीसरा महीना...
घर के माहौल में बदली सी पड़ने लगी।
जहाँ पहले प्यार था, अब बोझ-सा एहसास।
कविता चुप हो जाती, पर दिल में दर्द पलता रहता।
चौथा महीना...
अब उसकी हर हरकत पर नज़रें उठने लगीं।
बाहर जाते ही पड़ोस की खुसर–फुसर सुनाई देने लगी
“तलाक हो गया है… अब मायके में ही रहेगी..???
कविता के भीतर कुछ टूट रहा था।
उसे पहली बार महसूस हुआ—
ससुराल में रिश्ते कठिन थे, पर वहाँ उसका अपना घर था।
यहाँ मायके में—वह मेहमान भी नहीं, बोझ जैसी लगने लगी थी।
एक रात, वह छत पर अकेली बैठी सोचती रही....
पैसे मिल गए… आज़ादी मिल गई…
पर क्या इज्जत, अपनापन, और घर मिल पाया है..???
उसने धीरे से खुद से कहा—
“गलती की है मैंने…फैसला लेते समय मैंने सिर्फ दर्द देखा...
सीख नहीं देखी।
उसे समझ आ गया...
एक लड़की जब टूटे रिश्ते के बाद मायके लौटती है,
तो उसे सबसे ज़्यादा सहारे की जरूरत होती है,
लेकिन समाज उसे सबसे पहले जज करता है।
और घर…
जिसे वो “अपना” समझती है...
वहीं उसे धीरे-धीरे महसूस होने लगता है
कि “मायका है पर अधिकार कुछ नहीं।
मैं अपना घर छोड़ आई जहां मेरा अधिकार था जहां मेरा अपना परिवार था अपने अहम् की वजह से मैंने छोड़ा है घर ...
उसकी आँखों में नमी आ गई
अब उसे अपने फैसले की कीमत समझ आ चुकी थी।
मायके में चार महीने बिताने के बाद कविता को हर दिन वही एहसास सताने लगा—
“मैंने क्या खो दिया…????
क्या सिर्फ ग़ुस्से और तानों में बहकर इतना बड़ा फैसला कर लिया..???
वह छत पर बैठकर देर तक आसमान देखती रहती।
यादें पीछे-पीछे भागतीं—निर्वाण की बातें, उसकी आदतें, वो छोटी-छोटी बहसें…
और सबसे ज़्यादा—उसका साथ, जो अब बहुत दूर लगता था।
एक रात, मन बिल्कुल टूट गया।
आँसू रोकते-रोकते उसने फोन उठाया और नंबर मिलाया।
कॉल उठते ही निर्वाण की आवाज़ आई—
“हेलो?
कविता ने धीमी, कांपती आवाज़ में कहा—
“निर्वाण… क्या हम… क्या हम अपने रिश्ते को एक मौका दे सकते हैं..???
मुझे तुम्हारी बहुत याद आती है।
मैं… तुम्हारे साथ रहना चाहती हूँ।
कुछ पल दोनों तरफ़ खामोशी रही।
फिर निर्वाण ने गहरी सांस लेकर कहा—
“मैं भी तुम्हारे बिना नहीं रह पा रहा…
फैसले में दोनों की गलती थी, पर सुधारने के लिए दोनों को साथ चलना होगा।
मैं तुम्हें वापस लाना चाहता हूँ…
लेकिन कुछ समझौते हम दोनों को करने होंगे।
अगर तुम्हारी ‘हाँ’ है…
तो मैं अभी निकलता हूँ।
कविता की आँखों से आँसू गिर पड़े।
उसने धीमे से कहा—
“हाँ… मैं तैयार हूँ।
उसे समय रात के 12:00 बज रहे थे
निर्वाण ने अपनी कार उठाई।
ठंड थी, रास्ते सुनसान, लेकिन उसका दिल सिर्फ एक ही बात कह रहा था—
“उसे घर वापस लाना है।
लगातार 5 घंटे ड्राइव करता रहा।
ना रुका, ना थका।
सुबह के 5 बजे,
वह कविता के मायके के दरवाज़े पर खड़ा था।
अंदर से कविता बाहर आई—
हल्की-सी घबराहट, आँखों में शर्म भी, और राहत भी।
माँ-बाप ने दरवाज़ा खोला।
निर्वाण ने सम्मान से सिर झुकाकर प्रणाम किया।
कविता ने अपना छोटा सा बैग उठाया—
और बिना शब्दों के दोनों समझ गए कि यह फैसला दिल से आया है।
कुछ देर बाद कार चल पड़ी…
और कविता अपने “घर”—अपने वास्तविक घर—की ओर लौट रही थी।
मित्रों...
रिश्ते टूटते नहीं,
बस कभी-कभी दोनों के बीच बना धुआँ साफ करने की जरूरत होती है।
सही समय पर झुका हुआ कदम—
पूरी ज़िंदगी बचा सकता है।
आपकी क्या प्रतिक्रिया है??? अपने अनमोल विचार कमेंट्स में जरूर दीजियेगा।
धन्यवाद 🙏🏼
to all couples
28/01/2026
जब वो मांग में सिंदूर आते ही लड़की से औरत बन जाती है।
जब वो शादी के तुरंत बाद दीदी से आंटी बन जाती है जबकि उसका पति दो बच्चों के बाद भी भैया ही बना रहता है।
जब शादी की अगली सुबह बेटे को आराम करने दिया जाता है और उसे रसोई में प्रवेश मिल जाता है। सबकी पसंद का खाना बना के खिलाओ ,अपनी पसंद का कोई पूछेने वाला नही
जब उसकी हर ग़लती भी उसकी और उसके पति की हर ग़लती भी उसी की ग़लती कहलाती है।
जब उसका शादी से बाहर का आकर्षण उसको धोखे बाज़ बना देता है और उसके पति का आकर्षण उसके प्यार की कमी कहलाता है।
जब मायके आने के लिए किसी की इजाजत जरूरी हो जाती है।
जब मायके की यादों की उदासी को उसके काम ना करने का बहाना करार दिया जाता है।
जब जरूरत पड़ने पर ना वो पति से पैसे मांग पाती है और ना ही पिता से।
जब उसकी माँ उसे समझौता करने को कहती रहती है। और अपनी सफल शादी की दुहाई देती रहती है
जब ऑफिस से थक कर आने के बाद कोई पानी तक नहीं पूछता है।
जब रात को पति के बाद सोती है और सुबह पति से पहले उठती है।
जब अपने सपने/ख्वाहिशें भूल जाती है और कोई पुरानी सहेली उसको याद दिलाती है।
शादी सभी के लिए उतनी मीठी नहीं होती जितनी नज़र आती है। महिलाओं के लिए आज भी जीवन मुश्किल है।
वो जो महिला को आप रोज़ देखते है और उससे उसकी आँखों के नीचे काले घेरे होने का कारण पूछते है, मत पूछिए। वो कभी नहीं बताएगी। और अगर बताती भी है तो आप कभी नहीं समझेंगे।
अरे भई! जिसे उसकी माँ ने नहीं समझा, आप क्या खाक समझेंगे?
और भी जाने क्या-क्या बकवास दलीलों के रूप में सुनने को मिलती है।
महिलाओं के शांत चेहरों और फूल से हँसी के पीछे कौन-कौन से तूफ़ान गुज़र रहे होते है, आप कभी नहीं समझोगे। स्त्री को समझने के लिए सात जन्म कम पड़ जायेंगे ।
एक दिन स्त्री की जगह लेकर तो देखो दिन में तारे नज़र आयेंगे ।
🙏🌹🙏🌹
Repost # आज की नारी को समर्पित
27/01/2026
धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में 1 फरवरी को चीफ स्पीकर के रूप में शामिल होने का अवसर पाकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। इस विश्वास और स्नेह के लिए हृदय से आभार।
— Rajesh J. Kaushik
Nutrition Counselor
24/01/2026
यह 2004 की पोस्ट है इसमें 6 लोग हैं जिसमें 2 लोग सिस्टम से आउट हो गए और 4 लोग Rcm सिस्टम के साथ जुड़कर लगातार सिखते हुए ईमानदारी के साथ आगे बढ़ते रहे और यह चारों के 4 आज सफल लीडर बन चुके हैं बात पर विचार जरूर करना Rcm मिशन को भूलकर भी छोड़ने की गलती कभी मत करना वरना शिवाय पछतावे के कुछ हासिल नहीं होगा Jai Rcm ✨🌹👍
01/01/2026
जीवन झूट है केवल सत्य है तो वो है मौत
माइकल_जैक्सन 150 साल जीना चाहता था!!
किसी सेे साथ हाथ मिलाने से पहले दस्ताने
पहनता था!!
लोगों के बीच में जाने से पहले मुंह पर मास्क
लगाता था !!
अपनी देखरेख करने के लिए उसने
अपने घर पर 12 डॉक्टर्स नियुक्त किए हुए थे !!
जो उसके सर के बाल से लेकर पांव के नाखून तक की
जांच प्रतिदिन किया करते थे!
उसका खाना लैबोरेट्री में चेक होने के बाद उसे
खिलाया जाता था!!
स्वयं को व्यायाम करवाने के लिए उसने
15 लोगों को रखा हुआ था!
माइकल जैकसन अश्वेत था,
उसने 1987 में प्लास्टिक सर्जरी करवाकर
अपनी त्वचा को गोरा बनवा लिया था!
अपने काले मां-बाप और काले दोस्तों को भी
छोड़ दिया
गोरा होने के बाद उसने गोरे मां-बाप को
किराए पर लिया!!
और....
अपने दोस्त भी गोरे बनाए
शादी भी गोरी औरतों के साथ की!
नवम्बर 15 को माइकल ने अपनी नर्स डेबी रो...
से विवाह किया,
जिसने प्रिंस माइकल जैक्सन जूनियर (1997)
तथा
पेरिस माइकल केथरीन (3 अपैल 1998) को
जन्म दिया।
वो डेढ़ सौ साल तक जीने के लक्ष्य को लेकर
चल रहा था!!
हमेशा ऑक्सीजन वाले बेड पर सोता था
उसने अपने लिए अंगदान करने वाले
डोनर भी तैयार कर रखे थे!!
जिन्हें वह खर्चा देता था,
ताकि समय आने पर उसे किडनी, फेफड़े, आंखें
या किसी भी शरीर के अन्य अंग की जरूरत
पड़ने पर वह आकर दे दें,
उसको लगता था वह पैसे और अपने रसूख की
बदौलत मौत को भी चकमा दे सकता है,
लेकिन वह गलत साबित हुआ
25 जून 2009 को उसके दिल की धड़कन
रुकने लगी,
उसके घर पर 12 डॉक्टर की मौजूदगी में
हालत काबू में नहीं आए,
सारे शहर के डाक्टर उसके घर पर जमा हो गए
वह भी उसे नहीं बचा पाए।
उसने 25 साल तक डॉक्टर की सलाह के
विपरीत, कुछ नहीं खाया!
अंत समय में उसकी हालत बहुत खराब हो गई थी
50 साल तक आते-आते वह पतन के करीब ही पहुंच गया था
और 25 जून 2009 को
वह इस दुनिया से चला गया !
जिसने अपने लिए डेढ़ सौ साल जीने का
इंतजाम कर रखा था!
उसका इंतजाम धरा का धरा रह गया!
जब उसकी बॉडी का पोस्टमार्टम हुआ तो
डॉक्टर ने बताया कि,
उसका शरीर हड्डियों का ढांचा बन चुका था!!
उसका सिर गंजा था,
उसकी पसलियां कंधे हड्डियां टूट चुके थे,
उसके शरीर पर अनगिनत सुई के निशान थे,
प्लास्टिक सर्जरी के कारण होने वाले दर्द से
छुटकारा पाने के लिए एंटीबायोटिक वाले
दर्जनों इंजेक्शन उसे दिन में लेने पड़ते थे!
माइकल जैक्सन की अंतिम यात्रा को
2.5 अरब लोगो ने लाइव देखा था।
यह अब तक की सबसे ज़्यादा
देखे जाने वाली लाइव ब्रॉडकास्ट हैं।
माइकल जैक्सन की मृत्यु के दिन यानी
25 जून 2009 को 3:15 PM पर,
Wikipedia,Twitter और AOL’s
instant messenger
यह सभी क्रैश हो गए थे।
उसकी मौत की खबर का पता चलता ही
गूगल पर 8 लाख लोगों ने
माइकल जैकसन को सर्च किया!
ज्यादा सर्च होने के कारण गूगल पर
सबसे बड़ा ट्रैफिक जाम हुआ था! और
गूगल क्रैश हो गया,
ढाई घंटे तक गूगल काम नहीं कर पाया!
मौत को चकमा देने की सोचने वाले
हमेशा मौत से चकमा खा ही जाते हैं!
सार यही है,
बनावटी दुनिया के बनावटी लोग
कुदरती मौत की बजाय
बनावटी मौत ही मरते ह
इस बारे में सोचिए।
क्या हमारी अगली पीढ़ी
कमाने में सक्षम नहीं है जो,
हम उनके लिए ज्यादा से ज्यादा
सेविंग कर देना चाहते हैं ?
क्या हम सप्ताह में डेढ़ दिन अपने मित्रों,
अपने परिवार और अपने लिए
स्पेयर नहीं कर सकते ?
क्या आप अपनी मासिक आय का
5% अपने आनंद के लिए,
अपनी ख़ुशी के लिए खर्च करते हैं ?
सामान्यतः जवाब नहीं में ही होता है
हम कमाने के साथ साथ
आनंद भी क्यों नहीं प्राप्त कर सकते ?
इससे पहले कि आप
स्लिप डिस्क्स का शिकार हो जाएँ,
इससे पहले कि,
कोलोस्ट्रोल आपके हार्ट को ब्लॉक कर दे,
आनंद प्राप्ति के लिए समय निकालिए !!
हम किसी प्रॉपर्टी के मालिक नहीं होते,
सिर्फ कुछ कागजातों, कुछ दस्तावेजों पर
अस्थाई रूप से हमारा नाम लिखा होता है।
ईश्वर भी व्यंग्यात्मक रूप से हँसेगा
जब कोई उसे कहेगा कि,
"मैं जमीन के इस टुकड़े का मालिक हूँ "
किसी के बारे में,
उसके शानदार कपड़े और
बढ़िया कार देखकर,
राय कायम मत कीजिए।
हमारे महान गणित और विज्ञान के शिक्षक
स्कूटर पर ही आया जाया करते थे !!*
धनवान होना गलत नहीं है ,
बल्कि.......
"सिर्फ धनवान होना गलत है"
आइए ज़िंदगी को पकड़ें,
इससे पहले कि,
जिंदगी हमें पकड़ ले...
एक दिन हम सब जुदा हो जाएँगे,
तब अपनी बातें,
अपने सपने हम बहुत मिस करेंगे।
दिन, महीने, साल गुजर जाएँगे,
शायद कभी कोई संपर्क भी नहीं रहेगा।
एक रोज हमारी बहुत पुरानी तस्वीर देखकर
हमारे बच्चे हमी से पूछेंगे कि,
"तस्वीर में ये दुसरे लोग कौन हैं" ?
तब हम मुस्कुराकर
अपने अदृश्य आँसुओं के साथ
बड़े फख्र से कहेंगे---
"ये वो लोग हैं, जिनके साथ मैंने
अपने जीवन के बेहतरीन दिन गुजारे हैं। "
इस मैसेज को
अपने उन सभी मित्रों को पोस्ट कीजिए,
जिन्हें आप कभी भूल नहीं पाएँगे।*
उन्हें पोस्ट कीजिए,
जो कभी भी आपकी मुस्कान की वजह बने थे!
20/12/2025
आज त्यागराज स्टेडियम दिल्ली मे RCM के 25 साल पुरे होने पर पुरे भारत मे चली 17000 किलोमीटर की रूपान्तरण यात्रा के समापन के बाद सेलिब्रेशन मे अनुपम खेर जी की गरिमामयी उपस्थिति 🙏🙏🙏🙏
28/11/2025
डायरेक्ट सेलिंग के प्रति सरकार का नजरिया अनुराग ठाकुर जी क्या बोल रहे हैँ सुनिए जरा
डायरेक्ट सेलिंग के प्रति सरकार का नजरिया Enjoy the videos and music you love, upload original content, and share it all with friends, family, and the world on YouTube.
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