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09/08/2021
👉 121 साल बाद भारत को एथलेटिक्स में गोल्ड की स्वर्णिम सफलता..*
*नीरज चोपड़ा ने भारत को एथलेटिक्स में अब तक का पहला गोल्ड दिलाया.. 87.58 मीटर के साथ बने टॉपर
भाला फेंक में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड जीत लिया है। पहले राउंड में उन्होंने 87 मीटर दूर भाला फेंका था। भाला फेंक प्रतियोगिता में नीरज ने देश को गोल्ड दिलाया है।
जैवलीन थ्रो में भारत के नीरज चोपड़ा ने 87.58 मीटर भाला फेंककर यह इतिहास रचा।
टोक्यो में ओलंपिक में यह भारत का पहला गोल्ड मेडल है।
*ट्रैक एंड फील्ड में भारत का पहला गोल्ड मेडल*
ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में प्रमुख माने जाने में एथलेटिक्स गेम्स ओलंपिक के प्रमुख आकर्षण होते हैं।
इसी के तहत शनिवार को भारत के नीरज चोपड़ा ने एथलेटिक्स में जैवलिन थ्रो स्पर्धा में पहला गोल्ड जीता है।
इससे पहले कोई भी भारतीय एथलेटिक्स स्पर्धाओं में मेडल नहीं जीत पाया है।
साल 1900 में अंग्रेज खिलाड़ी की ओर से जीते गए दो मेडल के बाद ब्रिटिश भारत व स्वतंत्र भारत मे 121 साल बाद नीरज चौपड़ा ने स्वर्णिम सफलता दिलाई है।
*जर्मन कोच से ली ट्रेनिंग.*
नीरज ने अपने जैवलिन थ्रो की ट्रेनिंग बेहतर बनाने के लिए जर्मनी के बायो मैकेनिक एक्सपर्ट क्लाउज़ बार्तोनितज़ से ट्रेनिंग ली है। इसके बाद उनके प्रदर्शन में निरंतर सुधार आता रहा है।
इस पहले नीरज पांच बड़े इवेंट्स में भी गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। चीन में एशियन गेम्स कॉमनवेल्थ गेम्स एशियन चैंपियनशिप साउथ एशियन गेम्स वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप न्यू गोल्ड मेडल के नाम रहे है।
*ब्रिटिश इंडिया में अंग्रेज खिलाड़ी ने जीते थे 2 पदक..*
हालांकि इससे पूर्व साल 1900 में आयोजित ओलंपिक गेम्स में ब्रिटिश इंडिया की ओर से खेलते हुए नॉर्मन प्रिंट चार्ड मैट्रिक्स में 2 मेडल जीते थे। लेकिन में भारतीय नहीं अंग्रेज खिलाड़ी थे।
*शनिवार को पदको की बौछार*
टोक्यो में शनिवार का दिन भारत के लिए स्वर्णिम रहा। कुश्ती में बजरंग पूनिया के कांस्य पदक जीतने के कुछ ही देर बाद नीरज चोपड़ा के गोल्ड जीतने की खुशखबरी आई। इससे पहले अभिनव विंद्रा ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में एकल प्रतिस्पर्धा शूटिंग में गोल्ड मेडल जीता था। एथलेटिक्स कैटिगरी में यह भारत का पहला स्वर्ण पदक है।
अभी तक ओलंपिक आयोजन में भारत को 9 गोल्ड मेडल मिले हैं। इनमें से 8 ग्रुप इवेंट हॉकी में मिले हैं।
नीरज चोपड़ा हरियाणा के पानीपत के रहने वाले हैं। उनका जन्म 24 दिसंबर 1997 को एक किसान परिवार में हुआ था। चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज के पासआउट नीरज ने एथलेटिक्स को ज्वॉइन करने का मकसद दिलचस्प है। वह अपना वजन कम करने के लिए इस फील्ड में उतरे थे।
नीरज चोपड़ा ने ओलंपिक के लिए जर्मनी के बायो मैकेनिक्स एक्सपर्ट क्लाउस बार्तोनित्ज से ट्रेनिंग ली है।
*नीरज की कामयाबी का सफर*
2016 : पोलैंड में हुए आईएएएफ चैंपियनशिप में 86.48 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड जीता।
2017 : नीरज ने 85.23 मीटर थ्रो कर एशियन एथलेक्टिस चैंपियनशिप में गोल्ड पर कब्जा किया।
2018 : एशियाड में 88.06 मीटर दूर भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता था।
2021: इंडियन ग्रांड प्रिक्स में रज ने 88.07 मीटर का थ्रो कर अपने रेकॉर्ड को तोड़ा था।
2021 : टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल..
भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली थी। फाइनल में उन्होंने गोल्ड पर निशाना साधा।
गौरतलब है कि नीरज चौपड़ा हरियाणा के पानीपत जिले के खंड़रा गांव के रहने वाले हैं।
ओलंपिक मुकाबले से पहले ईटीवी भारत हरियाणा की टीम ने नीरज चौपड़ा के परिजनों से बात की थी।
नीरज चोपड़ा के परिजन शुरू से ही अपने बेटे के प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त थे, उस समय नीरज के चाचा भीम चोपड़ा का कहना था कि नीरज चोपड़ा हमेशा से ही अपने खेल को लेकर गंभीर रहा है।
वहीं नीरज की छोटी बहन नैनसी को भरोसा था कि उसका भाई इस बार ओलंपिक में गोल्ड पर कब्जा करेगा और पूरे देश को गर्व महसूस करवाएगा और वे अपने परिवार वालों की उम्मीद पर खरे उतरे हैं।
*13 साल बाद भारत को मिला गोल्ड..*
ओलंपिक गेम्स में स्पर्धा में गोल्ड मेडल मिला है। इससे पहले 2008 में बीजिंग ओलंपिक निशानेबाज अभिनव बिंद्रा गोल्ड जीता था। बिंद्रा ने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में गोल्ड जीता था।
*भारत का सबसे सफल ओलंपिक*
भारत का यह अब तक का सबसे सफल ओलंपिक खेल रहा है। लंदन ओलंपिक में भारत में 6 मेडल जीते थे।
वही, टोक्यो ओलंपिक में भारत में अब तक साथ पदकों पर सफलता का निशान दर्ज करवा दिया है।
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