Current Expose

Current Expose

Share

30/05/2026

🔥🟥 *CURRENT EXPOSE | FAST PAGE ALERT 🟥🔥*

⚠️*हर पेज पर बड़ा सवाल… हर खबर में सिस्टम एक्सपोज़!*

🕋 PAGE 2 – *“कुर्बानी या कमाई?”*
⚡ मौलाना अनवर अहमद कादरी पर गंभीर सवाल

📂 PAGE 3 – *करोल बाग घोटाले में कार्रवाई अब तक गायब क्यों?*

🚨 *PAGE 4 – “मेरा कसूर क्या?”*
ट्रैफिक निरीक्षक राधा यादव पर कार्रवाई से उठे सवाल

⚖️ *PAGE 5 – झूठी FIR… क्या यही न्याय?*

🌳 *PAGE 6 – करंट एक्सपोज़ की खबर का असर*
*वन विभाग हरकत में!*

🚨 PAGE 7 – *चौकीदार नर्सिंग खेल एक्सपोज*

⚠️ PAGE 8 – *करंट एक्सपोज़ को दबाने का प्रयास?*
*Current Expose news*
📲 *page Follow करें*
https://www.facebook.com/profile.php?id=100064959884403

📢 *WhatsApp Group Join करें*
https://chat.whatsapp.com/HLJ4BmKSyDd8pxwzyxtRc8

⚡ *CURRENT EXPOSE*
🚨 “हर खबर नहीं… सिस्टम की चार्जशीट!”
all #

29/05/2026

🐐 करंट एक्सपोज़ स्पेशल रिपोर्ट

कुर्बानी या करोड़ों का कारोबार...?
क़ौम अब हिसाब मांग रही है!

बकरा ईद आते ही कुर्बानी, खाल और हिस्सों का बड़ा सिस्टम शुरू हो जाता है। मुस्लिम समाज के अंदर अब लोग खुलकर सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर अल्लाह के नाम पर जमा होने वाले लाखों-करोड़ों रुपयों का पूरा हिसाब कौन देगा?

शरीअत के मुताबिक एक बड़े जानवर में 7 हिस्से होते हैं।
अगर एक हिस्से के नाम पर ₹4500 लिए जाएं, तो एक जानवर से ₹31,500 जमा होते हैं। समाज में चर्चा है कि कई जगहों पर जानवर की वास्तविक कीमत इससे काफी कम होती है। ऐसे में लोग पूछ रहे हैं कि बची रकम कहां जाती है और उसका रिकॉर्ड क्यों सार्वजनिक नहीं किया जाता?

यही नहीं —
खालों के नाम पर भी हर साल लाखों रुपये इकट्ठा होते हैं।
अगर एक खाल पर ₹100 से ₹200 तक भी रकम आती है, तो हजारों खालों में यह रकम लाखों तक पहुंच जाती है।

अब क़ौम पूछ रही है:
▪ गरीब और मुस्तहिक का कितना हक अदा हुआ?
▪ कितनी रकम समाज की बेहतरी पर खर्च हुई?
▪ कितना हिसाब सार्वजनिक किया गया?

📖 हदीस में है:
“जो अमानत में खयानत करे, वह हम में से नहीं।”
(सहीह मुस्लिम)

और अल्लाह तआला फरमाता है:
“अल्लाह तक न उनका गोश्त पहुंचता है, न उनका खून, बल्कि तुम्हारा तक़वा पहुंचता है।”
(सूरह अल-हज्ज 22:37)

क़ौम को अब जागना होगा।
दान दीजिए, मगर हिसाब भी मांगिए।
पहले अपने रिश्तेदार, पड़ोसी और मुस्तहिक गरीबों का हक अदा कीजिए।

क्योंकि दीन के नाम पर लिया गया हर रुपया —
अमानत भी है और जवाबदेही भी। ⚡

— करंट एक्सपोज़

28/05/2026

कुर्बानी का मतलब है अल्लाह की रज़ा और खुशी के लिए अपनी प्रिय चीज़ को त्याग करना या बलिदान देना।

ईद-उल-अज़हा के मौके पर मुसलमान Prophet Ibrahim (हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम) और Prophet Ismail (हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम) की उस अज़ीम मिसाल को याद करते हैं, जब उन्होंने अल्लाह के हुक्म के आगे पूरी तरह सर झुका दिया था।

कुर्बानी का असली संदेश है:

अल्लाह की आज्ञा का पालन करना।

त्याग और समर्पण की भावना रखना।

गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना।

प्रेम, भाईचारा और इंसानियत को बढ़ावा देना।

इसलिए कुर्बानी केवल जानवर ज़बह करने का नाम नहीं, बल्कि अपने दिल में मौजूद बुराइयों, घमंड, लालच और नफरत को छोड़कर नेक रास्ते पर चलने का नाम भी है। 🤲🌙

ईद-उल-अज़हा मुबारक! 💐✨

Want your business to be the top-listed Media Company in Indore?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Telephone

Address

Indore