Simran Library
06/07/2026
स्वस्थ रहने के टिप्स
लहसुन रोज़ सुबह खाली पेट 1-2 कच्चे लहसुन की कलियां खाने-
से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल होता है और दिल स्वस्थ रहता है।
छाछ रोज़ दोपहर में छाछ पीने से पाचन मजबूत & शरीर
में ठंडक बनी रहती है। भुना हुआ चना-रोज़ एक मुट्ठी भुना
चना खाने से शरीर को प्रोटीन और फाइबर मिलता है, जिससे
पाचन मजबूत होता है।मेथी दाना रातभर पानी में भिगोए
हुए मेथी दाने सुबह खाली पेट चबाने से शुगर कंट्रोल में रहती
है और पाचन सही रहता है।
06/07/2026
पेट की गैस और जमा सारी गंदगी को बर्फ की तरह पिघलाकर बाहर कर देगा ये पानी, Stomach एकदम हो जाएगा साफ़, जानिए फायदे और रेसिपी
गर्मी में पुदीने का सेवन उसका पानी बनाकर करें तो कब्ज, गैस और एसिडिटी से छुटकारा मिलता है। पुदीने का पानी एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल गुणों से भरपूर होता है जो सेहत को बहुत फायदा पहुंचाता है।
गर्मी का मौसम बेहद परेशान करता है। इस मौसम में गर्मी में होने वाली बीमारियों जैसे लू और डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है। अगर डाइट का ध्यान नहीं रखा जाए तो लेने के देने पड़ सकते हैं। गर्मी में कुछ ठंडी तासीर के फूड्स का सेवन करने से बॉडी अंदर से कूल रहती है, डिहाइड्रेशन से बचाव होता है और बॉडी को जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं। गर्मी में पुदीने का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। पुदीना एक ऐसा हर्ब है जिसकी तासीर ठंडी है। इसका सेवन गर्मी में करने से मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है। इस पानी का सेवन करने से बॉडी डिटॉक्स होती है।
पुदीने की पोषण प्रोफाइल की बात करें तो इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर,विटामिन सी, कैल्शियम, फॉस्फोरस और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। ये सभी पोषक तत्व बॉडी को हेल्दी रखते हैं और गर्मी से भी बचाव करते हैं।
गर्मी में पुदीने का सेवन उसका पानी बनाकर करें तो कब्ज, गैस और एसिडिटी से छुटकारा मिलता है। पुदीने का पानी एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल गुणों से भरपूर होता है जो सेहत को बहुत फायदा पहुंचाता है। गर्मी में पुदीने का पानी पाचन को कूल करता है। गर्मी में होने वाली पाचन से जुड़ी परेशानियां जैसे गैस,अपच और एसिडिटी को दूर करता है। ये पाचन रसों को बढ़ाकर पाचन को दुरुस्त करता है। आइए जानते हैं कि गर्मी में पुदीने का पानी पीने से सेहत को कौन-कौन से फायदे होते हैं और इस पानी को कैसे तैयार किया जाता है।
पुदीने का पानी पीने से होने वाले फायदे
गर्मी में पेट की गैस, छाती आयुर्वेद का अमृत है लहसुन, इस औषधी का सेवन चबाकर या निगल कर कैसे करें? बॉडी को किस तरह मिलता है पूरा फायदाफ का सेवन पाचन को ठीक रखने में मदद करता है। अदरक औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इसका सेवन करने से आपकी भूख बढ़ती है,पेट फूलने की समस्या से निजात मिलती है और गैस्ट्रिक की समस्या से राहत मिलती है। इस पानी का सेवन करने से पेट और आंतों में जमा गंदगी साफ हो जाती है।
पुदीने का पानी कैसे तैयार करें
पुदीने का पानी तैयार करने के लिए आप 10-12 पुदीने की पत्तियां लें। एक नींबू को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। एक छोटा टुकड़ा अदरक का लें और एक चम्मच सौंफ लें। पुदीने का पानी तैयार करने के लिए आप एक गिलास पानी लें और उसमें पुदीने की पत्तियां, कटा हुआ नींबू और सौंफ के दानें डालें। इस पानी को आप अच्छे से मिक्स कर दें और उसे रात भर ढक कर रख दें। सुबह इस पानी को छान लें और उसका सुबह खाली पेट सेवन करें। ये पानी पेट को दुरुस्त करेगा और पाचन को ठीक रखेगा। आप इस पानी का सेवन दिन में दो बार करें आपको गर्मी में कब्ज से राहत मिलेगी, बॉडी हाइड्रेट रहेगी और पाचन भी दुरुस्त रहेगा।
06/07/2026
थकी-थकी रहती हैं? रोज सुबह दूध के साथ लें यह 2 चम्मच होममेड पाउडर, बिना जिम और महंगे सप्लीमेंट्स के लड़कियां घर पर कैसे पूरा करें अपना डेली प्रोटीन?
एक रिसर्च के मुताबिक, भारत की लगभग 80% महिलाओं में प्रोटीन की भारी कमी है। दोपहर होते-होते थकान होना, सुबह उठकर भी शरीर टूटना और गुच्छों में बालों का झड़ना—यह कोई आम बात नहीं, बल्कि आपके शरीर की अंदरूनी भूख है!
लड़कियां अक्सर सोचती हैं कि प्रोटीन पाउडर सिर्फ जिम जाने वाले लड़कों के लिए है। यह बिल्कुल गलत है। बाजार के महंगे केमिकल वाले डिब्बों के बजाय आप सिर्फ ₹10 रोज के खर्च में घर पर ही "देसी सुपरफूड प्रोटीन पाउडर" बना सकती हैं।
*बनाने का आसान तरीका:*
1. सामग्री: 200 ग्राम भुने चने (प्रोटीन किंग), 100 ग्राम मूंगफली (स्किन ग्लो के लिए), 50 ग्राम मखाने (कैल्शियम का खजाना) और 50 ग्राम बादाम।
2. विधि: मखाने, बादाम और मूंगफली को कढ़ाई में 2 मिनट सूखा भून लें। ठंडा होने पर भुने चने के साथ इन्हें मिक्सी में रोक-रोक कर पीस लें और पाउडर बना लें।
कैसे लें?
रोज सुबह या रात को 1 गिलास गुनगुने दूध में 2 चम्मच यह पाउडर मिलाकर पिएं। मात्र 7 दिनों में आपकी दोपहर की सुस्ती गायब हो जाएगी और बालों का टूटना बंद हो जाएगा।
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06/07/2026
पुरुष परेशान दिखे तो उसे अकेला छोड़ दो... उस वक़्त उसे बात करना नहीं पसंद होता... वो अपनी परेशानी का हल खुद ढूँढ निकालना चाहता है... ठीक इसके विपरी...
पुरुष परेशान दिखे तो उसे अकेला छोड़ दो... उस वक़्त उसे बात करना नहीं पसंद होता... वो अपनी परेशानी का हल खुद ढूँढ निकालना चाहता है... ठीक इसके विपरीत महिला जब परेशान होती है तो वो चाहती है कि कोई उसकी
परेशानी सुने... उससे बात करे...
जब महिला अपनी परेशानियाँ सुना रही हो तो पुरुष को बस सुन लेना चाहिए... उसके समाधान का उपाय नहीं बताना चाहिए... क्योंकि उन्हें समाधान में कोई दिलचस्पी नहीं होती... वो तो सिर्फ़ अपनी भावनाएँ व्यक्त करना चाहती है
1.योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।
2. लकवा - सोडियम की कमी के कारण होता है ।
3. हाई वी पी में - स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे ।
4. लो बी पी - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें ।
5. कूबड़ निकलना- फास्फोरस की कमी ।
6. कफ - फास्फोरस की कमी से कफ बिगड़ता है , फास्फोरस की पूर्ति हेतु आर्सेनिक की उपस्थिति जरुरी है । गुड व शहद खाएं
7. दमा, अस्थमा - सल्फर की कमी ।
8. सिजेरियन आपरेशन - आयरन , कैल्शियम की कमी ।
9. सभी क्षारीय वस्तुएं दिन डूबने के बाद खायें ।
10. अम्लीय वस्तुएं व फल दिन डूबने से पहले खायें ।
11. जम्भाई- शरीर में आक्सीजन की कमी ।
12. जुकाम - जो प्रातः काल जूस पीते हैं वो उस में काला नमक व अदरक डालकर पियें ।
13. ताम्बे का पानी - प्रातः खड़े होकर नंगे पाँव पानी ना पियें ।
14. किडनी - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये ।
15. गिलास एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है । गिलास अंग्रेजो ( पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें, लोटे का कम सर्फेसटेन्स होता है ।
16. अस्थमा , मधुमेह , कैंसर से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं ।
17. वास्तु के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा ।
18. परम्परायें वहीँ विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं ।
19. पथरी - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर है ।
20. RO का पानी कभी ना पियें यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता । कुएँ का पानी पियें । बारिस का पानी सबसे अच्छा , पानी की सफाई के लिए सहिजन की फली सबसे बेहतर है ।
21. सोकर उठते समय हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का स्वर चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें ।
22. पेट के बल सोने से हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है ।
23. भोजन के लिए पूर्व दिशा , पढाई के लिए उत्तर दिशा बेहतर है ।
24. HDL बढ़ने से मोटापा कम होगा LDL व VLDL कम होगा ।
25. गैस की समस्या होने पर भोजन में अजवाइन मिलाना शुरू कर दें ।
26. चीनी के अन्दर सल्फर होता जो कि पटाखों में प्रयोग होता है , यह शरीर में जाने के बाद बाहर नहीं निकलता है। चीनी खाने से पित्त बढ़ता है ।
27. शुक्रोज हजम नहीं होता है फ्रेक्टोज हजम होता है और भगवान् की हर मीठी चीज में फ्रेक्टोज है ।
28. वात के असर में नींद कम आती है ।
29. कफ के प्रभाव में व्यक्ति प्रेम अधिक करता है ।
30. कफ के असर में पढाई कम होती है ।31. पित्त के असर में पढाई अधिक होती है ।
33. आँखों के रोग - कैट्रेक्टस, मोतियाविन्द, ग्लूकोमा , आँखों का लाल होना आदि ज्यादातर रोग कफ के कारण होता है ।
34. शाम को वात -नाशक चीजें खानी चाहिए ।
35. प्रातः 4 बजे जाग जाना चाहिए ।
36. सोते समय रक्त दवाव सामान्य या सामान्य से कम होता है ।
37. व्यायाम - वात रोगियों के लिए मालिश के बाद व्यायाम , पित्त वालों को व्यायाम के बाद मालिश करनी चाहिए । कफ के लोगों को स्नान के बाद मालिश करनी चाहिए ।
38. भारत की जलवायु वात प्रकृति की है , दौड़ की बजाय सूर्य नमस्कार करना चाहिए ।
39. जो माताएं घरेलू कार्य करती हैं उनके लिए व्यायाम जरुरी नहीं ।
40. निद्रा से पित्त शांत होता है , मालिश से वायु शांति होती है , उल्टी से कफ शांत होता है तथा उपवास(लंघन) से बुखार शांत होता है ।
41. भारी वस्तुयें शरीर का रक्तदाब बढाती है , क्योंकि उनका गुरुत्व अधिक होता है ।
42. दुनियां के महान वैज्ञानिक का स्कूली शिक्षा का सफ़र अच्छा नहीं रहा, चाहे वह 8 वीं फेल न्यूटन हों या 9 वीं फेल आइस्टीन हों ,
43. माँस खाने वालों के शरीर से अम्ल-स्राव करने वाली ग्रंथियाँ प्रभावित होती हैं ।
44. तेल हमेशा गाढ़ा खाना चाहिएं सिर्फ लकडी वाली घाणी का , दूध हमेशा पतला पीना चाहिए ।
45.छिलके वाली दाल-सब्जियों से कोलेस्ट्रोल हमेशा घटता है ।
46. कोलेस्ट्रोल की बढ़ी हुई स्थिति में इन्सुलिन खून में नहीं जा पाता है । ब्लड शुगर का सम्बन्ध ग्लूकोस के साथ नहीं अपितु कोलेस्ट्रोल के साथ है ।
47.मिर्गी दौरे में अमोनिया या चूने की गंध सूँघानी चाहिए ।
48.सिरदर्द में एक चुटकी नौसादर व अदरक का रस रोगी को सुंघायें ।
49. भोजन के पहले मीठा खाने से बाद में खट्टा खाने से शुगर नहीं होता है ।
50.भोजन के आधे घंटे पहले सलाद खाएं उसके बाद भोजन करें ।
51. अवसाद में आयरन , कैल्शियम , फास्फोरस की कमी हो जाती है । फास्फोरस गुड और अमरुद में अधिक है
52. पीले केले में आयरन कम और कैल्शियम अधिक होता है । हरे केले में कैल्शियम थोडा कम लेकिन फास्फोरस ज्यादा होता है तथा लाल केले में कैल्शियम कम आयरन ज्यादा होता है । हर हरी चीज में भरपूर फास्फोरस होती है, वही हरी चीज पकने के बाद पीली हो जाती है जिसमे कैल्शियम अधिक होता है ।
53. छोटे केले में बड़े केले से ज्यादा कैल्शियम होता है ।
54.रसौली की गलाने वाली सारी दवाएँ चूने से बनती हैं ।
55. हेपेटाइट्स A से E तक के लिए चूना बेहतर है ।
56. एंटी टिटनेस के लिए हाईपेरियम 200 की दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दे ।
57. ऐसी चोट जिसमे खून जम गया हो उसके लिए नैट्रमसल्फ दो-दो बूंद 10-10 मिनट पर तीन बार दें । बच्चो को एक बूंद पानी में डालकर दें ।
58. मोटे लोगों में कैल्शियम की कमी होती है अतः त्रिफला दें । त्रिकूट ( सोंठ+कालीमिर्च+ मघा पीपली ) भी दे सकते हैं ।
59. अस्थमा में नारियल दें । नारियल फल होते हुए भी क्षारीय है ।दालचीनी + गुड + नारियल दें ।
60. चूना बालों को मजबूत करता है तथा आँखों की रोशनी बढाता है ।61. दूध का सर्फेसटेंसेज कम होने से त्वचा का कचरा बाहर निकाल देता है ।
62. गाय की घी सबसे अधिक पित्तनाशक फिर कफ व वायुनाशक है ।
63. जिस भोजन में सूर्य का प्रकाश व हवा का स्पर्श ना हो उसे नहीं खाना चाहिए
64. गौ-मूत्र अर्क आँखों में ना डालें ।
65. गाय के दूध में घी मिलाकर देने से कफ की संभावना कम होती है लेकिन चीनी मिलाकर देने से कफ बढ़ता है।
66.मासिक के दौरान वायु बढ़ जाता है , 3-4 दिन स्त्रियों को उल्टा सोना चाहिए इससे गर्भाशय फैलने का खतरा नहीं रहता है । दर्द की स्थति में गर्म पानी में देशी घी दो चम्मच डालकर पियें ।
67.रात में आलू खाने से वजन बढ़ता है ।
68.भोजन के बाद बज्रासन में बैठने से वात नियंत्रित होता है ।
69.भोजन के बाद कंघी करें कंघी करते समय आपके बालों में कंघी के दांत चुभने चाहिए । बाल जल्द सफ़ेद नहीं होगा ।
70.अजवाईन अपान वायु को बढ़ा देता है जिससे पेट की समस्यायें कम होती है
71.अगर पेट में मल बंध गया है तो अदरक का रस या सोंठ का प्रयोग करें
72. कब्ज होने की अवस्था में सुबह पानी पीकर कुछ देर एडियों के बल चलना चाहिए ।
73. रास्ता चलने, श्रम कार्य के बाद थकने पर या धातु गर्म होने पर दायीं करवट लेटना चाहिए ।
74. जो दिन मे दायीं करवट लेता है तथा रात्रि में बायीं करवट लेता है उसे थकान व शारीरिक पीड़ा कम होती है ।
75. बिना कैल्शियम की उपस्थिति के कोई भी विटामिन व पोषक तत्व पूर्ण कार्य नहीं करते है ।
76.स्वस्थ्य व्यक्ति सिर्फ 5 मिनट शौच में लगाता है ।
77.भोजन करते समय डकार आपके भोजन को पूर्ण और हाजमे को संतुष्टि का संकेत है ।
78.सुबह के नाश्ते में फल , दोपहर को दही व रात्रि को दूध का सेवन करना चाहिए ।
79. रात्रि को कभी भी अधिक प्रोटीन वाली वस्तुयें नहीं खानी चाहिए । जैसे - दाल , पनीर , राजमा , लोबिया आदि ।
80. शौच और भोजन के समय मुंह बंद रखें , भोजन के समय टी वी ना देखें ।
81.मासिक चक्र के दौरान स्त्री को ठंडे पानी से स्नान , व आग से दूर रहना चाहिए ।
82. जो बीमारी जितनी देर से आती है , वह उतनी देर से जाती भी है ।
83. जो बीमारी अंदर से आती है , उसका समाधान भी अंदर से ही होना चाहिए ।
84.एलोपैथी ने एक ही चीज दी है , दर्द से राहत । आज एलोपैथी की दवाओं के कारण ही लोगों की किडनी , लीवर , आतें , हृदय ख़राब हो रहे हैं । एलोपैथी एक बिमारी खत्म करती है तो दस बिमारी देकर भी जाती है ।
85. खाने की वस्तु में कभी भी ऊपर से नमक नहीं डालना चाहिए , ब्लड-प्रेशर बढ़ता है ।
86 .रंगों द्वारा चिकित्सा करने के लिए इंद्रधनुष को समझ लें , पहले जामुनी , फिर नीला ..... अंत में लाल रंग ।
87 .छोटे बच्चों को सबसे अधिक सोना चाहिए , क्योंकि उनमें वह कफ प्रवृति होती है , स्त्री को भी पुरुष से अधिक विश्राम करना चाहिए
88. जो सूर्य निकलने के बाद उठते हैं , उन्हें पेट की भयंकर बीमारियां होती है , क्योंकि बड़ी आँत मल को चूसने लगती है ।
89.बिना शरीर की गंदगी निकाले स्वास्थ्य शरीर की कल्पना निरर्थक है , मल-मूत्र से 5% , कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ने से 22 %, तथा पसीना निकलने लगभग 70 % शरीर से विजातीय तत्व निकलते हैं ।
90. चिंता , क्रोध , ईर्ष्या करने से गलत हार्मोन्स का निर्माण होता है जिससे कब्ज , बबासीर , अजीर्ण , अपच , रक्तचाप , थायरायड की समस्या उतपन्न होती है ।
91.गर्मियों में बेल , गुलकंद , तरबूजा , खरबूजा व सर्दियों में सफ़ेद मूसली , सोंठ का प्रयोग करें ।
92. प्रसव के बाद माँ का पीला दूध बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता को 10 गुना बढ़ा देता है । बच्चो को टीके लगाने की आवश्यकता नहीं होती है ।
93. रात को सोते समय सर्दियों में देशी मधु लगाकर सोयें त्वचा में निखार आएगा
94. दुनिया में कोई चीज व्यर्थ नहीं , हमें उपयोग करना आना चाहिए।
95.जो अपने दुखों को दूर करके दूसरों के भी दुःखों को दूर करता है , वही मोक्ष का अधिकारी है ।
96.सोने से आधे घंटे पूर्व जल का सेवन करने से वायु नियंत्रित होती है , लकवा , हार्ट-अटैक का खतरा कम होता है ।
97.स्नान से पूर्व और भोजन के बाद पेशाब जाने से रक्तचाप नियंत्रित होता है।
98 .तेज धूप में चलने के बाद , शारीरिक श्रम करने के बाद , शौच से आने के तुरंत बाद जल का सेवन निषिद्ध है
99. त्रिफला अमृत है जिससे वात, पित्त , कफ तीनो शांत होते हैं । इसके अतिरिक्त भोजन के बाद पान व चूना ।
100. इस विश्व की सबसे मँहगी दवा लार है , जो प्रकृति ने तुम्हें अनमोल दी है ,इसे ना थूके।
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