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21/01/2015
वैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चों के कुछ-कुछ देर पर झपकियां लेने से सीखने की क्षमता और याददाश्त बढ़ती है.
12 महीने तक के 216 बच्चों पर यह शोध किया गया. पता चला कि जब वे लंबी नींद नहीं लेते तो नई चीज़ें सीखने में असमर्थ होते हैं.
यूनिवर्सिटी ऑफ़ शेफ़ील्ड का शोध दल बिस्तर पर जाने से पहले पढ़ने की अहमियत पर ज़ोर देता है.
विशेषज्ञों के मुताबिक़ जीवन के शुरुआती दौर में नींद का महत्व अधिक उम्र में नींद लेने की तुलना में ज़्यादा होता है.
यह शोध प्रोसीडिंग्स ऑफ़ द नेशनल एकेडमी ऑफ़ साइंसेज़ में छपा.
संबंध
शोध के दौरान बच्चों को तीन तरह के नए काम सिखाए गए और अगले दिन उन्हें दोबारा वो काम करने को दिया गया.
उन बच्चों ने औसतन एक से ज़्यादा काम दोहराए जिन्होंने काम सीखने के बाद पर्याप्त नींद ली थी.
कम नींद लेने वालों को एक भी काम दोहराने में सफलता नहीं मिली.
पिछले साल वैज्ञानिकों ने पता लगाया था कि रात की अच्छी नींद का याददाश्त तेज़ होने से क्या संबंध है.
उन्होंने नींद में बनने वाली दिमाग की कोशिका के बीच का संबंध देखने में कामयाबी हासिल की थी.
अक्सर छात्रों से बातचीत के दौरान मुझसे यह सवाल पूछा जाता है कि साइंस की पढ़ाई किस तरह की जानी चाहिए? अपने कई सहकर्मियों, दोस्तों और शिक्षकों के साथ इस विषय पर चर्चा के बाद मैं एक अच्छा साइंस स्टूडेंट बनने के लिए जरूरी बिन्दुओं को खोज पाया हूं।
वैज्ञानिक सोच
वैज्ञानिक सोच का अर्थ है हर घटना से जुड़े सभी पहलुओं को खोजना और उन्हें समझने का प्रयास करना। एक अच्छा वैज्ञानिक बनने के लिए यह जरूरी है कि किसी वस्तु या घटना को देखते ही आपका दिमाग ‘क्या’,‘क्यों’ और ‘कैसे’ की खोज में जुट जाए। हालांकि यह आदत बनाने के लिए लगातार अभ्यास जरूरी है। यदि बचपन से ही दिमाग को इसी तरह सोचने की आदत डाल दी जाए तो धीरे-धीरे वह हर घटना को वैज्ञानिक नजरिए से देखना सीख जाता है ।
गणितीय व्याख्या का महत्व
किसी भी वैज्ञानिक व्याख्या का गणितीय प्रारूप देखने में चाहे उलझन भरा लगे, लेकिन साइंस की दृष्टि से इसके महत्व को नकारा नहीं जा सकता। उदाहरण के तौर पर, यह कहना और समझना ज्यादा आसान है कि कोई चीज़ झूल रही है या ऑसिलेट (दोलन) कर रही है बजाय इसके कि वह विस्थापन के अनुक्रमानुपाती बल के प्रभाव से गति कर रही है। लेकिन हम यह भी देख सकते हैं कि जहां पहला कथन पूरी जानकारी नहीं देता वहीं दूसरे वक्तव्य के जरिए आप दोलन की सम्पूर्ण गणितीय व्याख्या समझ सकते हैं। साइंस को समझने के लिए नॉलेज है जरूरी
विज्ञान आयामों, संबंधों और उनके बीच परस्पर क्रियाओं का अध्ययन है। तथ्यों को याद रखने के बजाय एक दूसरे पर निर्भर विभिन्न पैरामीटर्स के मध्य संबंधों को समझना ज्यादा महत्वपूर्ण है। यह जानना भी अहम है कि किस तरह कुछ क्वांटिटीज अलग-अलग वस्तुओं से अलग-अलग ढंग से जुड़ती हैं। यह समझने का अर्थ ही विज्ञान को समझना है। हालांकि यह कला किसी भी साइंस सिलेबस में औपचारिक रूप से नहीं सिखाई जाती, क्योंकि इन पारस्परिक क्रियाओं को समझने के लिए आपके पास मूलभूत जानकारी अच्छी मात्रा में होनी चाहिए। साइंस में शिक्षा इन संबंधों को समझने से जुड़ी है।
गुत्थियां सुलझाएं
कोई भी वैज्ञानिक प्रश्न महज किसी गणितीय मान या समीकरण के हल तक सीमित नहीं होता। यह किसी स्थिति विशेष में काम करने वाले विज्ञान के नियम की जड़ तक पहुंचने की समझ से जुड़ा है। साइंस से जुड़ी समस्याओं को सुलझाना भी विज्ञान के नियमों की गहरी समझ देता है। उदाहरण के तौर पर हम जानते हैं कि सबसे छोटी जैविक इकाई वायरस और सबसे छोटी भौतिक इकाई परमाणु है, लेकिन यदि आपके सामने यह प्रश्न रखा जाए कि इन दोनों में से तुलनात्मक रूप से छोटा कौन है तो आप इस तथ्य पर विचार करेंगे कि एक वायरस कई मिलियन परमाणुओं से बना होता है और इस निष्कर्ष तक पहुंचेंगे कि एक वायरस एक परमाणु की तुलना में लाखों गुना बड़ा है। इस तरह सवालों के जवाब तलाशते हुए आप नए तथ्यों की खोज कर अपने ज्ञान का विस्तार कर सकते हैं।
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