Nitya Patel
01/05/2026
| BREAKING NEWS
नागपुर में बागेश्वर बाबा का विवादित बयान
"शिवाजी महाराज थक गए थे?" — रामदास स्वामी को राजपाट सौंपने के दावे से महाराष्ट्र में बवाल
📍 नागपुर/छत्रपति संभाजीनगर
महाराष्ट्र की अस्मिता से जुड़े छत्रपति शिवाजी महाराज पर दिए गए एक बयान ने देशभर में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज कर दी है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नागपुर के जामठा में आयोजित धर्मसभा में दावा किया कि "शिवाजी महाराज युद्ध करते-करते थक गए थे और उन्होंने प्रशासन समर्थ रामदास स्वामी को सौंप दिया था।"
इस बयान के सामने आते ही महाराष्ट्र में विरोध की लहर दौड़ गई। शिवप्रेमी संगठनों ने इसे इतिहास से छेड़छाड़ और मराठा गौरव का अपमान बताया।
⚡ क्या है पूरा विवाद?
बाबा का दावा: शिवाजी महाराज ने थककर शासन रामदास स्वामी को सौंपा
साथ ही अपील: हर परिवार 4 बच्चे पैदा करे, एक को RSS को समर्पित करे
बयान RSS मंच से, कई बड़े नेताओं की मौजूदगी में दिया गया
➡️ इतिहासकारों और संगठनों का दावा:
ऐसा कोई प्रमाण नहीं कि शिवाजी महाराज ने राजपाट सौंपा था।
🔥 महाराष्ट्र में उबाल
नागपुर: संभाजी ब्रिगेड का प्रदर्शन
छत्रपति संभाजीनगर: पुलिस में शिकायत दर्ज
कई जिलों में विरोध, नारेबाजी और पुतला फूंका
👉 संगठनों की चेतावनी:
"FIR नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन होगा"
🗣️ राजनीतिक घमासान
रोहित पवार (NCP):
"यह शिवाजी महाराज का अपमान है, महाराष्ट्र में इनका स्वागत नहीं होना चाहिए।"
सचिन सावंत (कांग्रेस):
"RSS मंच से इतिहास तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है, माफी मांगनी चाहिए।"
🛡️ CM फडणवीस का बचाव
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा:
"ऐतिहासिक दस्तावेजों में ऐसा कोई उल्लेख नहीं है। लोककथाएं अलग-अलग हो सकती हैं, संदर्भ समझना जरूरी है।"
✔️ शिवाजी महाराज और रामदास स्वामी के बीच गुरु-शिष्य संबंध माना जाता है
❌ राजपाट सौंपने का कोई ठोस ऐतिहासिक प्रमाण नहीं
📚 इतिहासकारों में भी इस विषय पर मतभेद
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🚨 अभी क्या स्थिति है?
पुलिस ने शिकायत पर संज्ञान लिया
FIR दर्ज करने की मांग तेज
राज्यभर में प्रदर्शन जारी
❗ बड़ी बात
👉 यह विवाद सिर्फ बयान तक सीमित नहीं,
👉 महाराष्ट्र की भावनाओं और इतिहास की व्याख्या पर बड़ा टकराव बन चुका है
18/02/2026
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