Hariom
हरि ॐ❤️
09/07/2022
आत्मज्ञानी, आत्म-साक्षात्कारी महापुरुष को जिसने गुरु के रुप में स्वीकार कर लिया हो उसके सौभाग्य का क्या वर्णन किया जाय ? गुरु के बिना तो ज्ञान पाना असंभव ही है। कहते हैं :
ईश कृपा बिन गुरु नहीं, गुरु बिना नहीं ज्ञान ।
ज्ञान बिना आत्मा नहीं, गावहिं वेद पुरान ॥
बस, ऐसे गुरुओं में हमारी श्रद्धा हो जाय । श्रद्धावान ही ज्ञान पाता है। गीता में भी आता हैः
श्रद्धावाँल्लभते ज्ञानं तत्परः संयतेन्द्रियः ।
अर्थात् जितेन्द्रिय, तत्पर हुआ श्रद्धावान पुरुष ज्ञान को प्राप्त होता है।
ऐसा कौन-सा मनुष्य है जो संयम और श्रद्धा के द्वारा भवसागर से पार न हो सके ? उसे ज्ञान की प्राप्ति न हो ? परमात्म-पद में स्थिति न हो?
जिसकी श्रद्धा नष्ट हुई, समझो उसका सब कुछ नष्ट हो गया। इसलिए ऐसे व्यक्तियों से बचें, ऐसे वातावरण से बचें जहाँ हमारी श्र्द्धा और संयम घटने लगे। जहाँ अपने धर्म के प्रति, महापुरुषों के प्रति हमारी श्रद्धा डगमगाये ऐसे वातावरण और परिस्थितियों से अपने को बचाओ।
Guru Purnima, Vyas Poonam, Ashadhi Poonam, गुरु पूर्णिमा, व्यास पूनम, अषाढ़ी पूनम, आसाराम बापू, आशाराम बापू, asaram bapu, asharam bapu Guru Purnima Importance in Hindi. Guru Purnima History. Significance of Vyas Purnima [Story of Guru Purnima] Why is guru purnima celebrated
16/12/2019
विष्णुपदी संक्रांति Sant Shri Asharamji Ashram
vishnu_24 - Sant Shri Asharamji Ashram vishnu_24 Published October 30, 2014 at 352 × 435 in आँवला (अक्षय ) नवमी है फलदायी… (९ नबम्बर २०१६ ). ← Previous
Click here to claim your Sponsored Listing.
Telephone
Website
Address
Banglore